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बैनर-पोस्टर वाले छात्रनेता चुनाव से होंगे बाहर

सूबे में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही शहर को बैनर-पोस्टर-वालराइटिंग और होर्डिग्स से पाट देने वाले छात्रनेताओं के लिए बुरी खबर है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें चुनाव से बाहर करने की तैयारी कर ली है।

चीफ प्राक्टर डॉ.ओपी पाण्डेय को परिसर और शहर में लगी होर्डिग्स और पोस्टर-बैनर-वालराइटिंग की वीडियोग्राफी कराने का जिम्मा सौंपा गया है। मकसद, छात्रनेताओं के खर्च की पड़ताल करना है ताकि अगर किसी का खर्च पांच हजार से ज्यादा पाया जाए तो उसे चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जा सके।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.पीसी त्रिवेदी ने छात्रसंघ चुनाव में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों को अक्षरश: लागू करने का आदेश दिया है। गुरुवार को ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में कुलपति ने कहा कि वह किसी को परिसर में पठन-पाठन और परीक्षा के माहौल से खिलवाड़ की इजाजत नहीं देंगे।

चीफ प्राक्टर को परिसर में बिना परिचय पत्र किसी को भी प्रवेश न देने का निर्देश दिया गया है। शहर में लागू धारा 144 के मद्देनजर हुजूम लेकर घूमने वाले छात्रनेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

गौरतलब है कि छात्रसंघ चुनावों के मद्देनज़र आजकल विश्वविद्यालय परिसर, छात्रवास और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार जोरों पर है। पर्चा आउट मामले को लेकर पिछले चार दिनों से छात्रनेताओं का कोई न कोई समूह प्रशासनिक भवन और विश्वविद्यालय गेट पर धरना-प्रदर्शन कर रहा है।

ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन की इस सख्ती से छात्रनेताओं में खलबली मच गई है। कुलपति ने विश्वविद्यालय की दीवारों पर पोस्टर लगाने या वाल राइटिंग कराने वालों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यह लिंगदोह कमेटी का सीधा-सीधा उल्लघंन है। इन सारी चीजों की वीडियोग्राफी और फोटो कराकर सम्बन्धित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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