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‘रेवड़ी’ की तरह बांटे गए जननी सुरक्षा के चेक

हरदोई के साण्डी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में एनआरएचएम की योजनाओं में लाखों रुपए का घोटाला हुआ है। जननी सुरक्षा योजना का चेक बिना किसी वेरीफिकेशन के बांट दिया गया। यह खेल करीब सात वर्षो से चल रहा है। चेक वितरण में नियम और कानून को दरकिनार किया गया।

इसके लिए पीएचसी में अलग से प्राइवेट बाबू तक तैनात कर दिया। जबकि अस्पताल में दो क्लर्क की तैनाती है। अब करीब पांच लाख रुपए के जननी सुरक्षा योजना के ब्लैंक चेक पर दस्तख्त करने का दबाव बनाया जा रहा है।

गुरुवार को पत्रकारवार्ता के दौरान साण्डी पीएचसी प्रभारी डॉ. आरके सैनी ने घोटाले का खुलासा किया है। डॉ. सैनी ने करीब तीन महीने पहले पीएचसी प्रभारी का कार्यभार ग्रहण किया। तब उन्हें अस्पताल में घोटाले की भनक लगी। जांच में तथ्य सही साबित हुए।

डॉ. सैनी ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में अनाधिकृत रूप से विक्रल लाल नामक के व्यक्ति को एनआरएचएम की योजनाओं का जिम्मा सौंप दिया गया। जबकि अस्पताल में एक वरिष्ठ और सहायक लिपिक तैनात हैं। विक्रल लाल की तैनाती में ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश कुमार का हाथ है।

आरोप है कि विक्रल लाल और राजेश की लिखित शिकायत सीएमओ डॉ. श्याम किशोर तिवारी, एनआरएचएम के नोडल अधिकारी डॉ. रमेश चन्द्रा और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अम्बुज सिंह से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने आरोप लगाया कि चेक वितरण में मानकों का पालन नहीं हो रहा है। धन आवंटन में रजिस्टर पर किसी भी लाभार्थी का फोटो शिशु साहित नहीं है। बियरर चेक पर भी किसी लाभार्थी का फोटो नहीं लगाया गया। फर्जी तरीके से अंगूठा लगाकर धन का बंदरबाट किया गया।

डॉ. सैनी का आरोप है कि स्थानीय पुलिस भी घोटालेबाजों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। विक्रलाल और राजेश कुमार के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया।  बियरर चेक पर हस्ताक्षर से मना करने पर जान से मारने की धमकी मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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