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यीशु क्रूस पर पढ़े थे सात कलमे

प्रभु यीशु का जन्म ही मनुष्यों को पापों से उद्धार करने और परम परमेश्वर से जोड़ने के लिए हुआ था। दो हजार साल पहले प्रभु यीशु ने स्वयं क्रूज पर चढ़कर सम्पूर्ण मानव जाति का प्रतिनिधित्व किया।

पवित्र शुक्रवार को बलिदान दिवस होने के बावजूद, दुनिया गुड फ्राइडे (शुभ शुक्रवार) मनाती है। शुक्रवार को ही यीशु को क्रूज पर चढ़ाया गया था। चर्च ऑफ नार्थ इण्डिया के पादरी, रेव्न संजय दान ने बताया कि यदि प्रभु यीशु न मारे जाते तो, मनुष्यों का पापों से उद्धार नहीं होता। इसलिए मसीही समाज गुड फ्राइडे मनाता है। प्रभु यीशु को व्यक्तिगत जीवन में अपनाने वाले ही स्वर्ग में जायेंगे, सिर्फ मसीही होने से नहीं।

पादरी संजय ने कहा कि गुरुवार की रात ही प्रभु यीशु को रोमी शासनकाल में गिरफ्तार किया गया था। रातभर प्रताड़ित करने के वाद शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे क्रूज पर चढ़ाया गया था। 9 से 12 बजे तक क्रूज पर चढ़े रहने की याद में ही मसीही समाज के लोग चर्च में प्रभु यीशु के सात वचनों का मनन करते है।

इस दिन मसीही रोजा रखकर इबादत करते हैं। शुक्रवार भोर से ही गिरजाघरों में बाइबिल का पाठ किया जाता है। उन्होंने बताया कि यीशु ने दुनिया में जिस मकसद से आये थे, उसके लिए चालीस दिनों तक भूखे-प्यासे दिन रात इबादत की थी।

उन्होंने अपने बलिदान की तैयारी के लिए ही ऐसा किया था। प्रभु यीशु को इबादत के दौरान इब्लीस ने भटकाया था, पर अपने मकसद में नाकाम रहा। इसीलिए प्रभु यीशु के अनुयायी उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लेते है।

सात कलमे
हे! इन्हे क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।
तू आज ही मेरे साथ फिरदौस में होगा।
मां ये तेरा पुत्र
हे पिता! तूने मुङो क्यों छोड़ दिया था।
मैं प्यासा हूं।
पूरा हुआ।
हे पिता! मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौपता हूं।

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