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मोटरसाइकिल और रिक्शों के सहारे पार होगी चुनावी नैया!

नगरपालिका चुनाव की नैया पार करने के लिए प्रत्याशियों को मोटरसाइकिल और रिक्शे वालों का सहारा होगा। प्रत्याशियों की हैसियत चाहे जो भी हो लेकिन बिना इसके काम चलने वाला नहीं है।

दरअसल राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरपालिका चुनाव में प्रचार-प्रसार के लिए मोटरसाइकिल-स्कूटर और रिक्शे को प्रमुख साधन के दायरे में ला खड़ा किया है। मकसद है कि निकाय चुनावों में धन-बल के बेजा इस्तेमाल को रोका जाए। इसको ध्यान में रखकर आयोग ने प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार-प्रसार के लिए वाहनों के उपयोग की सीमा तय कर दी है।

आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वाहनों के उपयोग के लिए दिए गए दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने पर प्रत्याशियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तो होगी ही उन अधिकारियों पर भी शिकंजा कसेगा जो ऐसे प्रत्याशियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करेंगे। आयोग ने कहा है कि प्रचार-प्रसार के लिए इन वाहनों का प्रयोग मतदान की समाप्ति के 48 घंटा पहले तक ही किया जाएगा।

दोपहिया और हल्के वाहनों के लिए संबंधित निर्वाची पदाधिकारी परमिट जारी करेंगे जिसे वाहनों के विंड स्क्रीन पर लगाना होगा। किसी भी अभ्यर्थी को अनुमान्य वाहन के अलावा दूसरे वाहनों का परमिट नहीं मिलेगा।

उनके समर्थकों, कार्यकर्ताओं और एजेंट को भी अन्य वाहनों के उपयोग की अनुमति नहीं मिलेगी। यह प्रतिबंध टैक्सी, निजी कार, ट्रक, ट्रैक्टर, ऑटो रिक्शा, स्कूटर, मिनी बस, स्टेशन बैगन आदि सभी प्रकार के वाहनों पर लागू होगा। बिना परमिट वाहनों का प्रयोग गैरकानूनी माना जाएगा और ऐसे वाहनों को निर्वाची पदाधिकारी या स्थानीय पुलिस अफसर जब्त कर सकते हैं।

चुनाव प्रचार के लिए वाहनों की संख्या और प्रकार
नगर पंचायत-पार्षद पद के प्रत्याशी चुनाव प्रचार के लिए सिर्फ दो यांत्रिक दोपहिया वाहन यानी स्कूटर या मोटरसाइकिल अथवा चार रिक्शे का इस्तेमाल कर पाएंगे। वे चाहें तो एक दोपहिया और दो रिक्शे का भी उपयोग कर सकते हैं।

नगर परिषद और नगर निगम-पार्षद पद के प्रत्याशी अधिकतम दो दोपहिया वाहनों तथा एक हल्के वाहन का उपयोग कर सकते हैं। दो दोपहिया वाहनों के बदले इन्हें भी चार रिक्शे के उपयोग की अनुमति दी जा सकती है। एक हल्का वाहन के बदले भी ये चार रिक्शों का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि निर्वाची पदाधिकारी चाहें तो छोटे आकार के नगर परिषद में हल्के वाहन के उपयोग की अनुमति नहीं भी दे सकते हैं।

नया नजरिया
इससे चुनाव में पैसों के बेजा इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। बड़ी हैसियत वाले प्रत्याशी चाह कर भी चुनाव को प्रभावित करने के लिए वाहनों का बेजा इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

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  • Web Title:मोटरसाइकिल और रिक्शों के सहारे पार होगी चुनावी नैया!