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भाजपा की समीक्षा बैठक, मायूस रहे पदाधिकारी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश स्तरीय नेताओं में मायूसी है। इसका कारण यह है कि हार की समीक्षा के लिए कई समितियां तो गठित की गई हैं, लेकिन उन्हें नहीं मालूम की इनकी रिपोर्ट कब आएगी?

पार्टी की हार के कारणों पर विचार के लिए बुधवार को बुलाई गई समीक्षा बैठक का लब्बोलुआब भी कुछ ऐसा ही रहा। बैठक में शामिल एक पदाधिकारी ने कहा कि नेताओं को पार्टी के खराब प्रदर्शन के कारणों के बारे में पता ही नहीं है। बड़े नेताओं को बचाने के लिए समिति गठित करने का ऐलान कर दिया गया। कुछ नेताओं ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का बयान पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हुआ तो कुछ ने कहा कि कुशवाहा प्रकरण पार्टी को ले डूबा।

एक पदाधिकारी के मुताबिक, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के उन बायनों ने भी बहुत भ्रम पैदा किया, जिसमें वह पथरदेवा जाते थे तो सूर्य प्रताप शाही को मुख्यमंत्री घोषित करते थे और चरखारी जाते थे तो उमा भारती को। उनका कहना है कि नेताओं के ढुलमुल रवैये की वजह से ही पार्टी की यह दुर्गति हुई।

एक कार्यकर्ता ने चुटकी लेते हुए कहा, ''पता नहीं पार्टी को किसकी नजर लग गई है। इसे तांत्रिकों का सहारा लेना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''मुसलमानों के ध्रुवीकरण के डर से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में पार्टी के स्टार प्रचारक वरुण गांधी को आगे नहीं लाया गया। लेकिन इससे पार्टी को नुकसान ही हुआ।''

एक अन्य पदाधिकारी ने साफ तौर पर कहा, ''समितियां नाकामियां छिपाने के लिए बनती हैं। आखिर जब एक दो लोगों को छोड़कर सभी हारे हुए प्रत्याशी ही समीक्षा करने बैठे हैं तो फिर बड़ा फैसला लेने की हिम्मत कौन दिखाएगा।''

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बैठक में यहां तक कहा कि कुशवाहा प्रकरण से पार्टी की छवि को कितना नुकसान पहुंचा है, उसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। बैठक के दौरान कुछ पदाधिकारियों ने गडकरी पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए फिजूलखर्ची का आरोप लगाया।

राजनीतिक विश्लेषक व वरिष्ठ पत्रकार अभयानंद शुक्ल का भी कहना है कि समिति पर समिति बनाने का सीधा मतलब पार्टी के बड़े नेताओं की नाकामी छिपाना है। भाजपा ने लगातार हो रही हार से भी सबक नहीं लिया है। नेताओं को अपना चाल, चरित्र और चेहरा बदलना होगा। वहीं, भाजपा के प्रवक्ता सत्यदेव सिंह ने कहा कि समितियों की रिपोर्ट के आधार पर कार्ययोजना बनाई जाएगी और उचित समय पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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