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गुस्से की गोंद से रजिस्ट्रार को कुर्सी से ‘चिपकाया’

हंगामे और विरोध के बावजूद मामलों को गंभीरता से नहीं लेने की आदत बुधवार को रजिस्ट्रार को भारी पड़ गई। वीआईआईटी व एनसीपीई कॉलेज के छात्रों ने बुधवार को चार घंटे तक रजिस्ट्रार को घेरते हुए कुर्सी से नहीं उठने दिया। छात्रों ने रजिस्ट्रार को खरी-खोटी सुनाते हुए विवि से इस्तीफा देने की मांग की। छात्र कुलपति से भी मिले और उन्होंने रजिस्ट्रार को तत्काल कार्रवाई के आदेश भी दिए। शाम को वीआईआईटी पर कार्रवाई और बीपीएड की परीक्षा तिथि घोषित करने के बाद ही छात्रों ने रजिस्ट्रार को जाने दिया।

वीआईआईटी कॉलेज बुलंदशहर के छात्र दो दिन पूर्व रजिस्ट्रार से मिले थे। स्टूडेंट दिनभर कैंपस में पड़े रहे और रजिस्ट्रार ओमप्रकाश को पूरी व्यथा बताई। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर मारपीट, अभद्रता और अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। छात्रों ने कॉलेज के विरुद्ध बुलंदशहर में दर्ज रिपोर्ट की कॉपी भी सौंपी, लेकिन रजिस्ट्रार ने मामले को बेहद हल्के में लिया। रजिस्ट्रार ने छात्रों को कॉलेज में फॉर्म जमा कराने भेज दिया, लेकिन उनके फॉर्म जमा नहीं हुए थे।
गुस्साए छात्र बुधवार को दो बसों में भरकर फिर से विवि पहुंचे और रजिस्ट्रार को घेर लिया। छात्र कुलपति से भी मिले और पूरी व्यथा सुनाई। कुलपति ने रजिस्ट्रार को कॉलेज पर कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन रजिस्ट्रार कोई निर्णय नहीं ले पाए। इसी बीच एनसीपीई कॉलेज नोएडा के छात्र विवि पहुंच गए। ये छात्र एक महीने पहले बीपीएड परीक्षा के लिए कुलपति ऑफिस में धरने पर बैठ गए थे। रजिस्ट्रार ने तब मामले को हल कराने के लिए छात्रों को परीक्षा कराने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन भी मांग पूरी नहीं हुई थी। ऐसे में इन छात्रों ने भी रजिस्ट्रार के झूठे वायदे के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। छात्रों ने कुलपति वीसी गोयल को अवगत कराया। कुलपति ने भी रजिस्ट्रार से कार्रवाई को कहा। इसके बाद वीआईआईटी कॉलेज और एनसीपीई कॉलेज के छात्रों ने रजिस्ट्रार को घेर लिया। लगातार चार घंटे तक रजिस्ट्रार व छात्रों में नोकझाेंक चलती रही। आखिर में रजिस्ट्रार को झुकना पड़ा। रजिस्ट्रार ने वीआईआईटी कॉलेज प्रकरण में बुलंदशहर के डीएम को पत्र लिखते हुए छात्रों के फॉर्म जमा कराने की व्यवस्था करने की अपील की है। रजिस्ट्रार ने डीएम से मामले की जांच कराने की बात भी कही है। रजिस्ट्रार ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज के विरुद्ध शासन को संस्तुति करने का दावा किया है। इसके बाद सीपीई के स्टूडेंट बीपीएड के परीक्षा कार्यक्रम लेने पर अड़ गए। रजिस्ट्रार ने गुरुवार को कार्यक्रम जारी करने को कहा, लेकिन छात्रों ने इससे इंकार कर दिया। आखिर में रजिस्ट्रार को कार्यक्रम जारी करना पड़ा। रजिस्ट्रार ने तीन मई से 24 मई तक तीन बजे से छह बजे की पाली में एग्जाम कराने की घोषणा की है। रजिस्ट्रार के अनुसार 10-11 सत्र में सिर्फ वैध छात्रों की ही परीक्षा कराई जाएगी।

हंगामे के लिए रजिस्ट्रार खुद जिम्मेदार
मेरठ। आईपीएस कुलपति के तत्काल निर्णय और व्यवस्था के बेहतर प्रयासों के बाजवूद रजिस्ट्रार की हीलाहवाली विवि को मुश्किल में डाले हुए है। लिखित वायदे के अनुसार यदि रजिस्ट्रार समय रहते परीक्षा कार्यक्रम जारी कर देते तो बुधवार को कैंपस में हंगामा नहीं होता। इसी तरह वीआईआईटी प्रकरण में ही पहले दिन सख्त कार्रवाई करके हंगामे से बचा जा सकता था, लेकिन सलाहकारों की गलत सलाह के चलते रजिस्ट्रार समय पर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। यही वजह है कि लगातार हंगामे बढ़ते जा रहे हैं।

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