DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हाफिज सईद की पहेली

इसमें कोई शक नहीं कि भारतीय रणनीतिकारों के दिमाग में यह बात साफ है कि पाकिस्तान हाफिज सईद के मामले में केवल अमेरिकी डंडे पर काम करेगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अमेरिका ने ऐसी घोषणा क्यों की। सईद के सिर पर इस तरह की अमेरिकी घोषणा के पीछे कुछ साल पहले की वह इंटेलिजेंस रिपोर्ट भी हो सकती है, जिसमें कहा गया था कि लश्कर-ए-तैयबा दुनिया भर में 300 जगहों पर हमले की योजना बना रहा है, जिनमें से 20 भारतीय और बाकी अमेरिका से जुड़े हैं। यही वह कारण है, जिसकी वजह से हाफिज सईद अमेरिकी नजरों में आया। हाल के दिनों में लश्कर ने मुल्ला उमर के अफगान तालिबान के साथ मिलकर अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना भी बनाया है। क्या पाकिस्तान सईद के खिलाफ कार्रवाई करेगा? पाकिस्तानी सेना और आईएसआई से सईद के रिश्ते जगजाहिर हैं। उधर इमरान खान, नवाज शरीफ तथा पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ को भी सईद का करीबी माना जाता है। ऐसे में, भारत सिर्फ कामना कर सकता है कि सईद के लिए भी अमेरिका वैसा ही ऑपरेशन करे, जैसा उसने ओसामा के लिए किया था। भारत को पता है, अमेरिका ऐसा नहीं करेगा। अमेरिका के लिए सईद जेहाद की दुनिया के उस किशोर की तरह है, जिसने अभी-अभी कदम बढ़ाने शुरू किए हैं। अमेरिका उस पर नजर तो रखेगा, पर यह उम्मीद करना कि वह पाकिस्तान पर हाफिज के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बनाएगा, दूर की कौड़ी ही लगता है।
आजतक वेब पोर्टल में अभिसार शर्मा

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:हाफिज सईद की पहेली