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लड़कियों की अपेक्षा लड़के ज्यादा होते हैं मंदबुद्धि

अगर बच्चा एक साल की उम्र तक नहीं बोले या फिर अर्थपूर्ण इशारे न करे, 16 महीने की आयु तक कोई शब्द नहीं कहें नाम पुकारने पर ध्यान न दे और बच्चों के भाषा के प्रयोग तथा सामाजिक व्यवहार में कमी दिखे तो तत्काल डांक्टर को दिखाकर उसका इलाज कराना चाहिए क्योंकि यह सब बच्चे को होने वाली ऑटिज्म बीमारी के लक्षण हो सकते हैं।

इससे बच्चा मंदबुद्धि का होता है और उसकी सामान्य क्रियाएं ठीक नहीं होती। इसका शीघ्र उपचार विशिष्ट शिक्षा और पारिवारिक सहयोग से ही इलाज संभव है। मानसिक रोग विशेषज्ञ डां.आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि ऑटिज्म से ग्रस्त लोग अपनी ही दुनिया में खोए हुए अलग-थलग विरक्त से रहते हैं। यह अन्य लोगों के साथ भावनात्मक संबंध बनाए रखने में भी असमर्थ होते हैं।

डां. श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों में होने वाला यह रोग लड़कियों की अपेक्षा लड़कों में चार पांच गुना ज्यादा पाया जाता है। इससे ग्रस्त बच्चे सामान्य तौर पर विकसित नहीं हो पाते।

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