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नाजुक हैं आंखें मौसम की नजर न लगे

नाजुक हैं आंखें मौसम की नजर न लगे

हवा में बढ़ती गर्मी और घुलती धूल। दूसरी तरफ आपकी आंखें। थोड़ी भी लापरवाही आपकी सुकोमल आंखों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है। आंखों की उचित देखभाल की जानकारी देता एक आलेख

गर्मी का मौसम किसी ठंडे स्थान पर छुट्टियां मनाने और कुछ खास तरह की गतिविधियों में शामिल होने का सुनहरा मौका होता है। कई घरों में अभी से ही गर्मियों के लिए योजनाएं बननी शुरू हो गयी हैं। अगर आप इस गर्मी में कहीं जाने की या कुछ खास करने की योजना बना रहे हैं तो आप अपनी नाजुक आंखों को सूर्य की तपती किरणों से बचाने के लिये भी जानकारियां हासिल कर लें, ताकि आपकी आंखों की रोशनी जीवन भर के लिए सुरक्षित रहे। यहां कुछ ऐसे सुझाव दिये जा रहे हैं, जिन पर अमल करके आप अपनी नाजुक आंखों को किसी तरह का नुकसान होने से बचा सकते हैं।

हालांकि अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का इस्तेमाल करना उचित है, लेकिन आपको यह भी जानने की जरूरत है कि चश्मे क्या आपकी आंखों को धूप से होने वाले नुकसान से वाकई बचाते हैं। गर्मियां अपने साथ कई तरह की समस्याएं लेकर आती हैं। इसलिए आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी तरह की लापरवाही के कारण आपकी आंखों को नुकसान न पहुंचे। नयी दिल्ली के पूसा रोड स्थित मेडफोर्ट हॉस्पिटल के आई सर्जन डॉ. त्यागमूर्ति शर्मा कहते हैं कि जिस तरह से हम अपनी त्वचा को सूर्य की पराबैंगनी किरणों से बचाने के लिए सन्सक्रीम का इस्तेमाल करते हैं, उसी तरह से आपकी आंखों को पराबैंगनी किरणों के नुकसान से बचाने के लिए सक्षम लेंस वाले चश्मे का इस्तेमाल करना चाहिए।

डॉ. शर्मा कहते हैं, ‘आंखों पर बहुत अधिक पराबैंगनी किरणें पड़ने से मोतियाबिंद, रेटिना में क्षति और आंखों की कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं। गर्मियों के लिए वैसे चश्मे आदर्श हैं जिनमें फ्रेम पर एक चादर चढ़ी हो ताकि आपकी आंखों का धूप और धूल आदि से बचाव हो सके। अगर आप पानी में खेले जाने वाले खेलों का आनंद लेना चाहते हैं तो आप अच्छी गुणवत्ता वाले धूप के चश्मे खरीदें। आप कहीं दूर जाकर किसी स्थान पर डेरा डालने की योजना बना रहे हैं तो आंखों की सुरक्षा करने वाले चश्मे का इस्तेमाल करना नहीं भूलें। वहां लकड़ियों को काटने या आग पर खाना बनाने जैसे काम के दौरान चश्मे जरूर लगाएं, क्योंकि कई बार अंगारे आदि उड़कर आपकी आंखों में आ सकते हैं और उसमें तीव्र जलन पैदा कर सकते हैं।

यदि आप नियमित रूप से तैराकी करते हैं तो उस दौरान चश्मे जरूर पहनें। गर्मियों में, स्विमिंग पूल के पानी को सुरक्षित बनाये रखने के लिए उसमें क्लोरीन तथा अन्य रसायनों की अधिक मात्रा डाली जाती है, जिससे आंखों से पानी आने और जलन होने की समस्या हो सकती है। इसलिए पूल से बाहर आने के बाद अपनी आंखों को साफ पानी से धो लें। गर्मियों में न सिर्फ आपकी त्वचा में सूखापन आता है, बल्कि आपकी आंखों में भी सूखापन आता है। इसलिए गर्मियों के मौसम में आंखों में चिकनाई वाले आई ड्रॉप डालना बेहतर रहता है। आप अपने नेत्र चिकित्सक से आंखों को सुरक्षित रखने वाले आई ड्रॉप के बारे में सलाह ले सकते हैं।

नयी दिल्ली की कैलाश कॉलोनी स्थित नोवा मेडिकल सेंटर की नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अनिता सेठी कहती हैं, ‘गर्मियों के दौरान आंखों में एलर्जी की समस्या बढ़ जाती है। इस मौसम में तापमान और प्रदूषण के बढ़ने के कारण व्यक्ति (विशेषकर बच्चों) को आंखों की एलर्जी के प्रति संवेदनशील बना देता है, जिससे आंखों में खुजली और लालीपन के साथ जलन हो सकती है। इनसे बचने के लिए रोजाना अपनी आंखों को ठंडे पानी से दो बार धोएं। आंखों को रगड़े नहीं, धूल वाली जगहों से दूर रहें, सुरक्षात्मक चश्मे पहनें और नेत्र विशेषज्ञ के परामर्श के  अनुसार आंखों में आई ड्रॉप डालें।’ 

कंजक्टिवाइटिस
कंजक्टिवाइटिस गर्मियों में होने वाली आंखों की आम समस्या है। इसमें आंखों में लाली, चुभन और आंखों से पानी आने जैसी समस्या हो सकती है। इसका तत्काल इलाज किया जाना चाहिए। इससे दूसरे व्यक्ति में इस संक्रमण के प्रसार को रोकने और आंखों की स्थिति खराब होने से सुरक्षा मिलती है। अपनी आंखों को साफ पानी
से धोकर उसकी स्वच्छता को बनाए रखें। किसी अन्य व्यक्ति के रुमाल या तौलिये का इस्तेमाल न करें और कंजक्टिवाइटिस होने पर पहले दो दिन लोगों के संपर्क में कम रहें, क्योंकि शुरुआती दो दिनों में यह आसानी से फैलता है। चिकित्सीय निगरानी में एंटीबायोटिक आई ड्रॉप और आंखों के मलहम का इस्तेमाल करें।

स्टाइज
आंखों की पलकों में जीवाणु संक्रमण होने पर सूजन, लाली और दर्द होता है। अगर आपकी आंखों में स्टाई हो तो आंखों की गर्म सिकाई, दर्दनिवारक दवाइयां और एंटीबायोटिक के साथ आंखों की स्वच्छता का भी ध्यान रखें।

ड्राई आई
गर्मियों के महीनों में तापमान के बढ़ने और आंसू के तेजी से वाष्पीकृत होने के कारण ड्राई आईज सिंड्रोम की समस्या आम है। अपनी आंखों को अक्सर धोते रहें और आराम के लिए आंखों में चिकनाई बनाये रखने वाले आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें। 

सावधानियां

यदि आप तैराकी कर रहे हों तो क्लोरीन से होने वाली एलर्जी और स्विमिंग पूल कंजक्टिवाइटिस से बचने के लिए चश्मे पहनें।
आपको धूप में जाना हो तो काले चश्मे पहन लें।
जब आप काले चश्मे का चुनाव कर रहे हों तो यह सुनिश्चित कर लें कि वह आंखों को पराबैंगनी किरणों से शत-प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करें। निम्न गुणवत्ता वाले चश्मे पहनने से पुतली फैल सकती है, जिससे आंखों में अधिक मात्र में हानिकारक पराबैंगनी किरणें प्रवेश कर उन्हें नुकसान पहुंचा सकती हैं।
जब आप एयरकंडीशन वाले कमरे में बैठे हों तो यह ध्यान रखें कि उससे निकलने वाली हवा आपकी आंखों में सीधे न पहुंचे। यह आंखों में सूखापन और संवेदनशीलता को बढ़ा सकता है।
यदि आपको दिन भर धूप में रहना पड़ा हो और अगले दिन सुबह जागने पर आंखों में लाली या दर्द हो तो आंखों में चिकनाई वाले आई ड्रॉप डालें।
छह से आठ घंटों की आरामदायक नींद आपकी आंखों को प्राकृतिक तरीके से तरोताजा रखने में मदद करती है।

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