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आर्थिक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करे सरकार : सिद्दिकी

पटना (हि.ब्यू.)। विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी ने राज्य सरकार से बिहार की आर्थिक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने कक्ष में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में श्री सिद्दिकी ने कहा कि 31 मार्च 2012 बिहार में ऐतिहासिक मार्च लूट का गवाह बना है।

आलम यह था कि 31 मार्च की शाम से पहले ही सरकार का खजाना न सिर्फ खाली हो गया बल्कि अरबों रुपये के घाटे में चला गया। नतीजा कई विभागों के प्रधान सचिवों को घर से बुला-बलाकर कोषागार में राशि वापस जमा करायी गयी।

श्री सिद्दिकी ने कहा कि भवन निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग में अफरा-तफरी मची थी। संबंधित निगमों और प्राधिकारों में जमा राशि को निकाल कर कोषागार में जमा करा दिया गया। राज्य सरकार का वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह से विफल हो गया है।

सरकार ने वित्तीय वर्ष 2011-12 में 24 हजार करोड़ रुपये का योजना आकार तय किया। विकास का ढिंढोरा पीटने के लिए सरकार ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय अनुपूरक में योजना आकार को बढ़ाकर 29500 करोड़ रुपये कर दिया।

फिर खर्च करने में नाकामी को छिपाने के लिए इसे घटाकर 21390 करोड़ रुपये कर दिया। अगर इसे सही माना जाए तो लगभग 4500 करोड़ रुपये की निकासी 17 मार्च से 31 मार्च के बीच की गयी।

आरबीआई से मिली जानकारी के अनुसार 29 मार्च को 1073 करोड़ और 30 मार्च को 824 करोड़ रुपये की निकासी की गयी है। वित्त विभाग कहता है कि 31 मार्च को 236 करोड़ रुपये की निकासी हुई। लिहाजा सरकार द्वारा 16 मार्च से 31 मार्च के बीच योजना या गैर योजना मद में की गयी निकासी की सीबीआई से जांच होनी चाहिए।

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