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पचास फीसदी बढ़ गया लाडले की पढ़ाई का खर्च

नोएडा। चेतन आनंद

जिले के हाई प्रोफाइल प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। भारी भरकम फीस के अलावा डोनेशन देकर अपने लाडले को दाखिला दिलान में लोगों के बजट की चूलें हिलने लगी हैं। आलम यह है कि प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाने के लिए अभिभावकों को साल में फीस के रूप में 6 हजार से लेकर 3.60 लाख रुपए तक अदा करने पड़ते हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले छह साल में पढ़ाई का खर्च 50 फीसदी बढ़ गया है।प्राइवेट स्कूल कोई न कोई कारण बताकर हर साल दस से 13 प्रतिशत तक फीस बढ़ा देते हैं। इस बार दिल्ली पब्लिक स्कूल ने 13 प्रतिशत, एपीजे स्कूल ने 9 प्रतिशत तो रॉकवुड स्कूल ने 10 प्रतिशत फीस बढ़ा दी है।

शहर में सेक्टर-56 स्थित डीएवी स्कूल ने इस बार 5 प्रतिशत फीस बढ़ाई है। अभिभावकों में सबसे अधिक रोष सेक्टर-24 स्थित समरविले स्कूल को लेकर है। इस स्कूल ने करीब 33 प्रतिशत फीस बढ़ाकर लोगों की कमर तोड़ी है। विरोध स्वरूप मंगलवार को अभिभावक शिक्षक संघ की अगुवाई में लोग सेक्टर-19 जाकर सिटी मजिस्ट्रेट कंचन सरन से मिले। उन्हें एक ज्ञापन दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच करने का आश्वासन दिया है।

25,000 रुपए मासिक कमाने वाले का घर का अनुमानित बजट-राशन- 5,000-मकान का किराया या फ्लैट की किश्त- 10 से 15 हजार रुपए-एक बच्चों की पढ़ाई का खर्च- 3,000-पेट्रोल, मोबाइल, बिजली का खर्च- 4 से 5,000-मॉल्स, मल्टीप्लेक्स- निल-बचत-निल2006 में वीवी गिरि श्रम संस्थान की सर्वे रिपोर्ट में क्या थी स्कूल फीस की स्थिति प्राइमरी कक्षा/फीस स्ट्रक्चरसीमा एड़ािशन एनुअल चार्ज मासिककम से कम 500 150 90अधिकतम 20,000 2,000 1110 औसतन 5929 1271 501सभी आंकड़े रुपए में हैंजूनियर कक्षा/फीस स्ट्रक्चर सीमा एड़ािशन एनुअल चार्ज मासिककम से कम 500 150 90अधिकतम 20,000 2,000 1140 औसतन 6143 1271 592सभी आंकड़े रुपए में हैंहायर सेकेन्डरी/फीस स्ट्रक्चरसीमा एड़ािशन एनुअल चार्ज मासिककम से कम 500 800 540अधिकतम 20,000 2,000 1250औसतन 6143 1271 951सभी आंकड़े रुपए में हैं2012 में स्कूल फीस का औसत -प्राइमरी कक्षाओं की फीस-1500 से 2,000 रुपए मासिक-अपर कक्षाओं की फीस- 2 से 3,000 रुपए मासिक-कॉशन मनी- 3 से 8,000 रुपए सालाना-एड़ािशन चार्ज- 15 से 50,000 रुपए एकमुश्त-डोनेशन- 50 से 2.50 लाख रुपए तक, चोरी-छिपे-ट्रांसपोर्टेशन चार्ज- 600 से 15,00 रुपए मासिक, इसमें दस फीसदी वृद्धि स्कूल करने वाले हैं।-किताबें- 2 से 4 हजार रुपए-यूनिफॉर्म- 15,00 से 2,000 रुपए ट्रांसपोर्टेशन के मासिक चार्ज का निर्धारण-तीन किमी. के दायरे में- 600 रुपए-तीन से पांच किमी. तक- 800 रुपए-पांच किमी. से ऊपर- 1,000 रुपए-दिल्ली तक के लिए- 12,00 रुपए-दिल्ली के आसपास- 15,00 रुपएफीस बढ़ाने के कारण-स्कूल में बच्चों के लिए सुविधाएं बढ़ाना-स्कूल इमारत आदि का रखरखाव-शिक्षकों का वेतन-महंगाई----------------हमने दस प्रतिशत से कम यानी नौ प्रतिशत तक फीस वृद्धि की है। चूंकि सरकार शिक्षकों का डीए 20 प्रतिशत हर साल बढ़ा देती है, इसलिए फीस बढ़ानी पड़ती है।

पिछले साल 9.5 प्रतिशत फीस बढ़ाई थी।-एनएन नैयर, प्रधानाचार्य-एपीजे स्कूलबच्चों की फीस में 13 प्रतिशत इजाफा किया है। पिछले साल भी लगभग इतनी ही फीस बढ़ाई थी।-कामिनी भसीन, प्रधानाचार्या-दिल्ली पब्लिक स्कूलहमने इस बार सबसे कम पांच प्रतिशत ही फीस बढ़ाई है। चूंकि पिछले साल का रिजर्व फंड हमारे पास था, इसलिए ज्यादा फीस बढ़ाने की आवश्यकता महसूस नहीं हुई। -आईपी भाटिया, प्रधानाचार्या-डीएवी स्कूलहमारे यहां पिछले साल की तरह दस प्रतिशत स्कूल फीस बढ़ाई गई है। ट्रांसपोर्टेशन चार्ज सीएनजी के रेट बढ़ने की वजह से बढ़ाने होंगे। महंगाई बढ़ने से फीस वृद्धि करना मजबूरी है।-सुनीत टंडन, निदेशक-रॉकवुड स्कूलफीस बढ़ाने से पहले स्कूलों को जनरल बॉडी मीटिंग और बाद में पीटीएम करनी चाहिये। मगर स्कूल ऐसा नहीं करते। अभिभावकों को विश्वास में लिए बिना फीस बढ़ा देना अनुचित है। हम इसका विरोध करते हैं।-मनोज कुमार, अध्यक्ष-अभिभावक-शिक्षक संघ

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