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घंटो की मशक्कत के बाद लग सके ठुमके

वाराणसी निज संवाददाता

अस्सी घाट पर मंगलवार की सुबह कुछ अलग ही नजारा था। दरअसल ‘मोहल्ला अस्सी’ की शूटिंग की तैयारी जो चल रही थी। गंगा में पताकों व त्रिशूल से सजी नावें खड़ी थीं। लोगों को पहले से ही पता था कि आज सनी देयोल आ रहे हैं इसलिए सुबह से ही घाट पर भीड़ लगी थी। आज की मुख्य शूटिंग धर्मनाथ पांडेय यानी सनी देयोल पर ही होनी थी। नावों पर गाने की शूटिंग होनी थी। नावों को इस तरह से लाइन से लगाया जा रहा था कि सभी एक साथ चल सकें,लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी लहरों ने नावों का साथ नहीं दिया और नावें एक साथ नहीं चल पा रही थीं।

रिटेक होते-होते अंत में कोरियोग्राफर अहमद खान ने कार्यक्रम को थोड़ा चेंज किया और शूटिंग रोक दी। तब तक अस्सी से नावें केदारघाट तक जा चुकी थीं। टीम वापस फिर अस्सी पर आई और शूटिंग शुरू हुई। गंगा रे कभी रूक जाओ कहीं रूक जाओ, यहीं क्यों कन्नी काट के जाती हो..गीत जैसे ही सनी देओल, रवि किशन, मुकेश तिवारी, सौरभ शुक्ला और उनके सहयोगियों पर फिल्माया जाने लगा घाट पर ही नहीं गंगा में भी कई लोग कूद पड़े। सनी देओल से हाथ मिलाने के लिए नावों तक लोग जा पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह शूटिंग शुरू हुई और लोगों के गंगा में कूद के वहां तक जा पहुंचने से प्रोडक्शन टीम को काफी परेशानी भी हुई। अस्सी से राजघाट तक नाव से ही शूटिंग चलती रही। तब कहना होगा एक थी गंगागंगा का अस्तित्व यदि खत्म हो गया तो हम भी नहीं रह पाएंगे।

हिंदुस्तान की पहचान हैं गंगा। गंगा के लिए आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष का है। बनारस से ये आंदोलन शुरू हुआ है और हर घर से इसे शुरू होना होगा। यदि गंगा ही नहीं होंगी तो यहां एक दिन हम शूंटिग करने आएंगे और गाना गाएंगे कि एक थी गंगा। तब यहां नावों में शूटिंग की जगह बालू में शूंटिंग कर रहे होंगे। मेरा तो अब से यही हर जगह नारा होगा हर हर गंगे। मैं भी इस आंदोलन का अब एक हिस्सा हूं। रवि किशन, अभिनेता यहां आने वाला हर बंदा गंगा के लिए जिम्मेदार हैगंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए हर व्यक्ति को प्रयास करना होगा। बनारसी ही नहीं यहां आने वाला हर बंदा गंगा की निर्मलता के लिए जिम्मेदार है और उसे इसे साफ करने के लिए संकल्प लेना होगा। गंगा के लिए आंदोलन जो किया जा रहा है वो एक मुहिम है जिसे सफल बनाना होगा।

यह सत्य है कि जितना भी धन सरकार की ओर से गंगा के लिए दिया गया वो इस पर खर्च नहीं किया गया।मुकेश तिवारी, अभिनेता गंगा में अब ताकत नहीं रही गंदगी सहने कीगंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए आज से प्रयास नहीं चल रहा लेकिन जब तक यहां सिस्टम में सुधार नहीं होगा तब तक सही तरीके से काम नहीं हो सकेगा। हर जगह भ्रष्टाचार है। हर शहर और हर नदी को प्रदूषण मुक्त करने की जरूरत है। गंगा में अब ताकत नहीं रही की वो गंदगी को बर्दाश्त कर सके। गंगा के लिए आंदोलन जरूरी था। अब जरूरत है इस आंदोलन के जरिए काम करने की। गंगा को मुक्त करना होगा गंदगी से। इसके लिए पूरे देश को आगे आना होगा।सौरभ शुक्ला, अभिनेता

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