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विद्यार्थियों के जूते उतरवाने का विरोध

बरेली। वरिष्ठ संवाददाता

बरेली कॉलेज में तलाशी के नाम पर विद्यार्थियों के जूते उतरवाने का विरोध समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने किया। सछास ने मांग की है कि तलाशी अभियान और अन्य प्रशासनिक पदों से एडहॉक शिक्षकों को दूर किया जाए। इस संबंध में प्राचार्य के नाम एक ज्ञापन चीफ प्रॉक्टर को सौंपा। बरेली कॉलेज में सछास के कार्यकर्ताओं ने गौरव सक्सेना के नेतृत्व में प्राचार्य दफ्तर पहुंचे। यहां मौजूद चीफ प्रॉक्टर डॉ. अजय कुमार शर्मा, डॉ. एसी त्रिपाठी और डॉ. डीआर यादव को ज्ञापन सौंपा। गौरव सक्सेना ने कहा कि सोमवार को हुई घटना में कॉलेज प्रशासन की भी गलती है। एडहॉक शिक्षक विद्यार्थियों को अपमान करते हैं ऐसे में ऐसी शर्मनाक घटनाएं हो रही है। गौरव ने आरोप लगाया कि सोमवार को हुई घटना के विरोध में एबीवीपी ने नारेबाजी की थी। जबकि उस वक्त परीक्षाएं चल रही थी। परीक्षार्थी नारेबाजी से डिस्टर्ब होते रहे और परिषद के कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे। गौरव ने मांग रखी कि इन कार्यकर्ताओं पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। जिससे परीक्षा का माहौल खराब न हो। क्यों करते हैं एडहॉक शिक्षक चेकिंग कार्यकर्ताओं का कहना था कि तलाशी का काम कोई नियमति शिक्षक या खुद चीफ प्रॉक्टर क्यों नही करते। एडहॉक शिक्षकों से यह काम लिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सभी एडहॉक शिक्षकों को इस काम से अलग किया जाए। विशाल यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों का अपमान सहा नहीं जाएगा। विशाल का कहना था कि विद्यार्थियों से तलाशी के नाम पर जूते उतरवाए जाते हैं, यह छात्रों का अपमान है। कार्यकर्ताओं ने जूते नहीं उतरवाने की भी मांग की है। चीफ प्रॉक्टर ने आश्वासन दिया है कि कार्यकर्ताओं की मांग को प्राचार्य तक पहुंचा दिया जाएगा और निश्चित ही इस दिशा में कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

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