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विधान परिषद चुनाव की सरगर्मी तेज

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 13 सीटों के लिए 26 अप्रैल को होने वाले चुनाव की अधिसूचना 9 अप्रैल को जारी होगी। इस चुनाव के लिए सभी राजनैतिक दलों में सरगर्मी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राजस्व मंत्री अम्बिका चौधरी इस समय किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं इसलिए सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी की ओर से उनका प्रत्याशी होकर परिषद का सदस्य बनना तय माना जा रहा है।
 
निर्धारित फार्मूले के तहत विधान परिषद की एक सीट हासिल करने के लिए 29 मतों की जरूरत होगी। नई विधानसभा में समाजवादी पार्टी के पास विधायकों की संख्या 224 है। सात सीटें निकालने के बावजूद उसके पास 21 विधायकों के वोट बचेंगे। आठवीं सीट के लिए उसे आठ वोटों का जुगाड़ निर्दलीयों व अन्य छोटे दलों में से करना पड़ेगा, जिनकी संख्या 15 है। इस तरह सत्तारुढ़ सपा आठवीं सीट भी आसानी से निकाल सकती है। सपा इस चुनाव में भले ही सबसे ज्यादा सीटें निकालेगी लेकिन उच्च सदन में बहुमत मुख्य विपक्षी पार्टी बसपा का ही बना रहेगा।

सपा के जिन पांच सदस्यों का कार्यकाल आगामी पांच मई को खत्म हो रहा है, उनमें काशी नाथ यादव, ख्वाजा हलीम, दयाराम प्रजापति, नरेश चंद्र उत्तम और डा. राकेश सिंह राणा शामिल हैं। इनमें से किसकी दोबारा लाटरी खुलेगी यह अभी तय नहीं है लेकिन राकेश सिंह राणा का दावा मजबूत माना जा रहा है। कम से कम मुस्लिम चेहरों को टिकट मिलने के भी आसार हैं। पूर्व मंत्री भगवती सिंह की भी इस बार परिषद की सीट के लिए दावेदारी है। हालांकि एक संभावना यह भी है कि राज्यसभा की एक सीट के चुनाव में सपा श्री सिंह को ही प्रत्याशी बना दे।

दूसरी ओर 80 विधायकों की संख्या वाली बसपा की दो सीटें निकलने के बावजूद उसके पास 22 वोट बचेंगे। इसलिए उसे तीसरी सीट निकालने के लिए सात वोटों का अलग से जुगाड़ करना पड़ेगा। बसपा के जिन पांच विधायकों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें डा. विजय प्रताप, प्रदीप कुमार, बाबू सिंह कुशवाहा, सुनील कुमार चित्तौड़ और हरपाल सैनी शामिल हैं। कुशवाहा को बसपा पहले ही पार्टी से निकाल चुकी है। भाजपा के पास 47 वोट हैं। उसकी एक सीट तो पक्की है लेकिन उसे दूसरी सीट निकालने के लिए 18 वोटों का जुगाड़ करना होगा, जो लगभग नामुमकिन है। भाजपा के अशोक धवन, डा. रमापतिराम त्रिपाठी, राम नरेश रावत का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। भाजपा की एक सीट के लिए डा. त्रिपाठी के अलावा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही भी दावेदार हैं। कांग्रेस के विधायकों की संख्या 28 है, उसे एक सीट निकालने के लिए मात्र एक वोट की व्यवस्था करनी होगी। कांग्रेस का रालोद से गठबंधन है, जिसके पास आठ वोट हैं।
---विधानसभा में दलीय स्थिति--
समाजवादी पार्टी - 224
बसपा            -    80
भाजपा           -   47 
कांग्रेस           -   28
रालोद            -   08
पीट पार्टी         -   04
कौमी एकता दल-   02
एन.सी.पी.       -   01
अपना दल      -   01
इत्ते.मि. काउंसिल- 01
निर्दलीय          - 06
रिक्त              - 01
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कुल                403 

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