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ट्रेडिशनल से प्रोफेशनल कोर्सेज की तरफ इस्टीट्यूट वॉच

गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय अपने बीटेक कोर्स के लिए जाना जाता है, लेकिन इसकी एक अन्य विशेषता यह है कि इसके लगभग सभी कोर्स प्रोफेशनल तरीके से पढ़ाए जाते हैं। इस बारे में बता रही हैं रुचि गुप्ता

आमतौर पर कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र क्लासरूम तक ही बंध कर रह जाते हैं, लेकिन अगर छात्रों को बाहर असली दुनिया में पढ़ने के साथ-साथ सीखने का मौका मिले तो यह शिक्षा वाकई काम की होगी, यह कहना है गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में मास्टर इन इंग्लिश एंड कम्युनिकेशन स्टडीज की अंतिम वर्ष की छात्र इकजोत कौर का। ‘हमारा कोर्स बाकी कॉलेजों की तरह हमें सिर्फ साहित्य की जानकारी नहीं देता, बल्कि इसमें बॉडी लैंग्वेज, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और सिनेमा व थिएटर में इंटिग्रेटेड कोर्सेज को भी शामिल किया गया है। हमारा पाठय़क्रम कुछ ऐसे तैयार किया गया है कि हर साल हमें शहर से बाहर एक वर्कशॉप के लिए ले जाया जाता है, जिसमें हम प्रोफेशनल्स के साथ बहुत कुछ सीख भी सकते हैं।’

दरअसल आज से लगभग 12-13 साल पहले जब आईपी यूनिवर्सिटी को खोला जा रहा था, तब इसे पढ़ाई के परंपरागत पाठय़क्रम और तरीकों से दूर रख प्रोफेशनल पाठय़क्रम पर अधिक जोर देने के बारे में सोचा गया। यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ह्यूमेनिटीज एंड सोशल साइंसेज के डीन प्रो. अनूप बेनीवाल का कहना है, ‘हमारे विश्वविद्यालय के सभी डिपार्टमेंट प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए जाने जाते हैं। मौजूदा समय में उच्च शिक्षा का पूरा ध्यान मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन जैसे विषयों पर है और हमारी यह कोशिश है कि हम शिक्षा के पारंपरिक विषयों को मौजूदा दौर में सामयिक बना सकें, जिसका बेहतर उदाहरण हमारा एमए इंग्लिश एंड कम्युनिकेशन स्टडीज का कोर्स है।’

आज विश्वविद्यालय में 11 स्कूल्स यानी विभागों के तहत 122 डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर व पीएचडी पाठय़क्रम पढ़ाए जाते हैं।

अगर आईपी यूनिवर्सिटी में प्रसिद्ध कोर्स की बात की जाए तो वह बीटेक पाठय़क्रम है, जिसमें 5000 से भी अधिक सीटें हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता व जन-संचार तथा कानून व विधि कोर्स भी काफी लोकप्रिय हैं। आईपी यूनिवर्सिटी की लोकप्रियता इससे भी साबित होती है कि हर शैक्षिक सत्र में 2 लाख से अधिक छात्र विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठय़क्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं।

शिक्षण के तरीके के बारे में प्रो. अनूप बेनीवाल का कहना है, ‘हम उन्हें पढ़ाते नहीं, बल्कि सिखाते हैं। हमारे यहां फैकल्टी और छात्रों के बीच इतना अच्छा रिश्ता है कि वे छात्रों को सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि उनके बहुमुखी विकास में योगदान देते हैं।’

जहां बात स्कॉलरशिप की आती है तो वहां भी गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय कहीं पीछे नहीं है। पिछले वर्ष ही विश्वविद्यालय ने आर्थिक रूप से जरूरतमंद छात्रों को लगभग 1 करोड़ 36 लाख रुपये की राशि बतौर स्कॉलरशिप आवंटित की है। विश्वविद्यालय का मानना है कि शिक्षा सभी का अधिकार है और कोई छात्र सिर्फ इस वजह से शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए कि उसके पास आर्थिक सहायता नहीं है।

विश्वविद्यालय के अपने लगभग सभी विभागों में अन्य गतिविधियों के लिए क्लब व सोसायटी हैं, जिनमें छात्र बढ़-चढ़ कर भाग लेते हैं। इनमें सबसे अहम है विश्वविद्यालय का वार्षिक फेस्ट ‘अनुभूति’। छात्रों का मानना है कि अनुभूति में हर छात्र हिस्सा लेता है, फिर चाहे वह ऑर्गनाइजर के रूप में हो, प्रतिभागी के रूप में या फिर वॉलंटियर के रूप में।

नए पाठय़क्रम
विश्वविद्यालय एक से दो वर्ष के भीतर ही अपने कैम्पस में मास्टर इन फार्मेसी, एमटेक फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी और रिटेल मैनेजमेंट में बीबीए व एबीए के पाठय़क्रम भी शुरू करने की योजना बना रहा है।

फैक्ट फाइल

कैम्पस: द्वारका, दिल्ली में 65 एकड़ का नया कैम्पस
विभाग: विश्वविद्यालय में कुल 11 स्कूल हैं
कोर्स: कुल 122 कोर्स
फीस: अधिक से अधिक 60 हजार रुपये सालाना
स्कॉलरशिप: आर्थिक तौर पर जरूरतमंद छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की व्यवस्था है
हॉस्टल: नए कैम्पस में 200-200 क्षमता के 2 छात्राओं व 2 छात्रों के लिए

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