DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

घर जाने की जिद की तो कर दी पिटाई

हिन्दुस्तान प्रतिनिधि पटना। छोटे बच्चों के साथ किसी प्रकार का काम एवं उनपर अत्याचार करने वाले लोगों को सरकार कभी बख्शेगी नहीं। विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ अगर जरूरत पड़ी तो उसपर प्राथिमकी भी दर्ज होगी। यह बातें बिहार राज्य बाल श्रम आयोग की उपाध्यक्ष अनिता सिन्हा सोमवार को राजीव नगर स्थित नेपाली नगर में चल रहे उन्नयन केन्द्र में एक बाल श्रिमक की हुई पिटाई के जांच के दौरान कही।

उन्होंने बताया कि गत 28 मार्च को एक होटल से बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया था। बाल श्रमिक को मुक्त कराने के बाद उसे नेपाली नगर में चल रहा उन्नयन केन्द्र में रखा गया। यहां बच्चों द्वारा घर जाने की जिंद करने पर संस्था के लोगों ने उसे काफी पीटा और फिर घर भेज दिया।

घर वालों ने इसकी शिकायत आयोग से की। आयोग को शिकायत मिलते ही उसकी टीम सबसे पहले उस बच्चों के पास गई जहां उसका बयान लिया गया। बयान लेने के बाद आयोग की टीम उन्नयन केन्द्र पहुंची। उन्होंने बताया कि जब संस्था से उस बच्चों के बारे में पूछा गया तो संस्था के मालिक ने बताया कि बच्चों को किसी ने मारा नहीं है, बल्कि वह खेल-खेल में गिर गया था।

अनिता सिन्हा ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है, अगर कुछ गलत पाया गया तो संस्था पर प्राथमिकी दर्ज होगी। फिलहाल बच्चों को श्रम विभाग की ओर से सहायता राशि दी गई।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:घर जाने की जिद की तो कर दी पिटाई