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राज्यसभा चुनाव की सीबीआइ जांच हो: यशवंत

झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) की सीबीआइ जांच की मांग करने वालों में सांसद यशवंत सिन्हा का नाम भी जुड़ गया है। उन्होंने सोमवार को एक लंबा-चौड़ा पत्र लिखकर आयोग से चुनाव की सीबीआइ जांच कराने का अनुरोध किया। इससे पहले बाबूलाल मरांडी, शरद यादव, लालकृष्ण आडवाणी, डॉक्टर दिनेशानंद गोस्वामी भी इस तरह की मांग कर चुके हैं।

सिन्हा ने पत्र में लिखा है कि राज्यसभा में विभिन्न दलों के आलाकमान की पसंद के लोग ही पहुचते हैं। उच्च सदन अब थैलीशाहों के लिए ही रह गया है। इस कारण है कि राज्यसभा चुनाव में विधायको की खरीद-फरोक्त होने लगी है। झारखंड ऐसे लोगों के लिए सबसे हैपी हंटिंग ग्राउंड बन गया है। पैसों के साथ यहां सभी आते हैं, होलसेल में पॉलिटिकल पार्टयिों को मैनेज करते हैं और विधायकों को अलग डील करते हैं।

इस बार भी जो अंदेशा था, वही हुआ। आयकर विभाग ने कुछ कैश पकड़ा। राज्य के निगरानी विभाग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्यों पहले दिन से मोलभाव के लिए खुला मैदान छोड़ दिया गया। उन्होंने चुनाव रद्द करने के मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाइ कुरैशी के फैसले की सराहना की।

हर दिन की रिपोर्ट
राज्यसभा चुनाव प्रकरण में आयकर विभाग हर दिन की रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज रहा है। पूरे मामले की आयोग भी निगरानी कर रहा है।

भाजपा में मतभेद के संकेत
भाजपा को  हर हाल में प्रत्याशी देना चाहिए। झामुमो के साथ किसी तरह का समझौता नहीं हुआ है। बीते चुनाव में भाजपा का उम्मीदवार नहीं था, इसलिए झामुमो को समर्थन दिया गया। निशिकांत दुबे, भाजपा सांसद

पार्टी को पुराने समझौते को मानना चाहिए। रद्द चुनाव में भाजपा झामुमो का समर्थन कर चुकी है। ऐसे में दोबारा चुनाव में भी झामुमो का समर्थन करना चाहिए।
- भाजपा के पूर्व विधायक सरयू राय

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