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पेट्रोल कीमतों पर रार

तृणमूल अध्यक्ष ममता बनर्जी पेट्रोलियम पदार्थों के दाम नहीं बढ़ाने का दबाव डालती रही हैं। लेकिन सरकारी तेल कंपनियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि पेट्रोल के दाम न बढ़ाए गए तो इसका असर ईंधन आपूर्ति पर पड़ सकता है।

पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉपरेरेशन के अध्यक्ष आऱएस़ बुटोला ने कहा कि स्थिति बहुत गंभीर है। हमें पेट्रोल पर प्रति लीटर 7.67 रुपये का नुकसान हो रहा है। इसमें 20 प्रतिशत की दर से बिक्रीकर जोड़ने पर जरूरी मूल्य वृद्धि 9.20 रुपये प्रति लीटर हो जाती है।

उन्होंने कहा कि हमारी कुल उत्पादन लागत में 39 प्रतिशत खर्च कच्चे तेल पर होता है। यह हमें आयात करना पड़ता है। यदि हमें ईंधन की बिक्री से पूरा राजस्व नहीं मिलता तो आगे हम कच्चा तेल नहीं खरीद पाएंगे। इसका सीधा असर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर पड़ेगा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और अन्य सरकारी कंपनियों भारत पट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम को पेट्रोल की बिक्री पर रोजाना 48 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। सरकार हालांकि पेट्रोल पर मूल्य नियंत्रण जून 2010 में ही हटा चुकी है। इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों से तेल कंपनियों को पेट्रोल के दाम बढ़ाने की अनुमति नहीं दी है। तेल कंपनियों ने सरकार से पेट्रोल की कीमत नहीं बढ़ाने पर नुकसान की भरपाई के लिए कहा है। उधर, गोवा में सोमवार से पेट्रोल की कीमतें 11 रुपये घटा कर 54.96 रुपये कर दी गई हैं, जो देश में सबसे कम है।

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