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प्रोन्नति में आरक्षण रद्द होगा

प्रोन्नति में आरक्षम देने का मायावती सरकार का विवादित फैसला समाजवादी पार्टी की सरकार पलटने जा रही है। राज्य सरकार इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार कार्रवाई करने जा रही है। हाईकोर्ट ने मायावती सरकार के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था। इस संबंध में मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कार्मिक और वित्त विभाग को कार्य योजना तैयार करने को कहा है। साथ ही सभी विभागों के प्रमुख सचिवों और सचिवों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी प्रमुख सचिवों और सचिवों को प्रदेश सरकार की प्राथमिकता गिनाते हुए कहा है कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था के संचालन में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की अह्म भूमिका होती है। इन वर्गो की सेवा शर्तो में आवश्यकतानुसार सुधार किया जाएगा। पदोन्नति में आरक्षण संबंधी मामलों में हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ध्यान रहे कि वर्ष 2002 में केंद्र की एनडीए सरकार ने संविधान संशोधन के जरिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण और ज्येष्ठता परिणामी लाभ दिया था। यूपी में इसे सितंबर 2002 में तत्कालीन मायावती सरकार ने सबसे पहले लागू किया। लेकिन 13 मई 2005 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने इस वापस ले लिया था।

2007 में मायावती सरकार बनी तो इसे फिर से लागू कर दिया गया। सरकार के फैसले से प्रभावित हो रहे सामान्य और पिछड़ा वर्ग के अधिकारियों ने उसे होईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 4 जनवरी 2011 को अपने फैसले में मायावती सरकार द्वारा लागू पदोन्नति में आरक्षण और ज्येष्ठता परिणामी लाभ को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मायावती सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। जिस पर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो चुकी है और फैसला रिजर्व है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला किसी भी दिन आ सकता है।

1-फार्म 38 और फार्म 26 समाप्त किया जाएगा
2-मंडियों में गेट पास की व्यवस्था समाप्त की जाएगी
3-सभी प्रकार के लाइसेंस 10 साल का एकमुश्त धन देकर आजीवन किए जाएंगे
4-उद्योग बंधु का विस्तार होगा और प्रदेश कमेटी में एक व्यापारी प्रतिनिधि होगा
5-गेहूं, चावल, तिलहन, मटर, दलहन, जाै, ज्वार, बाजरा, मक्का और सभी प्रकार के खाद्यान्नों को ज्योति बसु कमेटी के अनुसार कर से मुक्त किया जाएगा
6-साइकिल, साइकिल टायर, ट्यूब, साइकिल पार्ट्स, ऊन, बिजली के पंखे पर व्यापार कर की दरें कम होगी

7-एससी-एसटी मुकदमों की समीक्षा की जाएगी और निदरेष लोगों से मुकदमे वापस होंगे
8-लोकायुक्त को मजबूत के साथ बहुसदस्यीय बनाया जाएगा। साथ ही इसके नियंत्रण में आर्थिक अनुसंधान पुलिस शाखा को किया जाएगा
9-17 पिछड़ी जातियों (राजभर, निषाद, प्रजापति, मल्लाह, कहार, कश्यप, कुम्हार, धीमर, बिंद, भर, केवट, धीवर, बाथम, मछुआ, मांङी, तुरहा, गोंड) को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करके सभी सुविधाएं दी जाएंगी।
10-दरगाहों के संरक्षण एवं विकास के लिए दरगाह एक्ट बनाया जाएगा। सभी दरगाहों के विकास के लिए स्पेशल पैकेज दिया जाएगा।
11-आंदोलनों के फलस्वरूप वकीलों के विरुद्ध दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाएगा।

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