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सफाई कर्मियों की साक्षरता दर दस प्रतिशत से नीचे

पटना। स्वयंसेवी संस्था निदान की ओर से ए लीगेसी ऑफ स्टेंच (सफाई कर्मचारी पर किया गया अध्ययन) का लोकार्पण किया गया। कल्याण मंत्री जीतन मांझी ने लोकार्पण समारोह में कहा कि आरक्षण रूपी बंटवारा नहीं बल्कि सबके लिए शिक्षा होनी चाहिए। सफाई कर्मचारियों की साक्षरता दर दस प्रतिशत से भी नींचे है।

उन्होंने कहा कि अब लाल, पीला और नीला कार्ड के बजाय सभी महादलितों को बीपीएल सूची में लाने के बारे में सरकार सोच रही है जिससे सफाई कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। बिहार महादलित विकास मिशन के सदस्य बबन रावत ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि समाज या सरकार सफाईकर्मियों के पीड़ा को समझ नहीं पा रही है।

कोलिन गोन्जालविस ने कहा कि सभी सफाई कर्मचारियों को इस कार्य के लिए उसे पूरे शरीर को ढकने वाला सूट दिया जाना चाहिए। अध्यक्षता ज्योति अवस्थी ने की। इस मौके पर अनीन्दो बनर्जी, टॉम थॉमस, रण विजय कुमार, विश्वरंजन आदि ने विचार व्यक्त की।

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