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ब्रेन रिसर्च से जुड़ी गुत्थियां सुलझाएंगे दिग्गज संगीतकार

एक ओर तो वैज्ञानिक म्यूजिक सुनकर दिमाग में होने वाले केमिकल लोचे का पता लगाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर संगीत की दुनिया के दिग्गज संगीतकार संगीत सुनते समय दिमाग में होने वाली हरकतों की वजहों के बारे में बताने के लिए तैयार हैं। अगले महीने गल्र्स कॉलेज में तीन दिवसीय सेमिनार होने जा रहा है, जिसमें संगीत से जुड़े दिग्गज छात्रों और वैज्ञानिकों से रूबरू होंगे। यह सेमिनार न सिर्फ छात्रों के लिए बल्कि संगीत सुनकर होने वाले केमिकल लोचे पर रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों के लिए भी काफी कारगर सिद्ध होगा।

कई पहलुओं पर होगी चर्चा

प्राध्यापक लोकेश शर्मा ने बताया कि नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर के खास प्रयोगों का हिस्सा रही छात्रएं भी म्यूजिक के नेशनल सेमिनार में हिस्सा लेंगी। यह छात्रएं वैज्ञानिक निष्कर्षो के बारे में संगीतकारों व गायकों से जानेंगी। संगीतज्ञ इन्हें बताएंगे कि म्यूजिक सुनने से दिमाग पर पड़ने वाले असरों की असल वजह क्या है। कौन से घराने किस तरह के म्यूजिक को तवज्जो देते हैं। संगीत से जुड़े पहलु किस तरह भौगोलिक, आर्थिक व शारीरिक बदलावों से प्रभावित होते हैं। इन सवालों के जवाब एनबीआरसी के प्रयोगों में भी सहायक होंगे।

सुझाव एकत्र करना है सेमिनार का उद्देश्य


एनबीआरसी के प्राचार्य अशोक दिवाकर ने बताया कि सेमिनार में अध्यक्षता भोजपुरी गायिका व पंजाब की पोस्ट मास्टर जनरल आईपीएस रंजू प्रसाद करेंगी। हारमोनियम वादक दिनकर शर्मा, सेक्साफोन वादक ओजेस प्रताप व बांसुरी वादक शैलेंद्र गोस्वामी के अलावा भारती शर्मा, अनुपम सिंह, मुकेश वर्मा, साहिल, क्षितिज विश्वास भी सेमिनार में हिस्सा लेंगे। सेमिनार का उद्देश्य संगीत शिक्षा में बदलाव लाने के लिए सुझावों को एकत्र कर उच्चतर शिक्षा विभाग को भेजना है। क्लासिकल के साथ ही फोक, वेस्टर्न व एथनिक संगीत को सिलेबस में पूरी तवज्जो दी जानी चाहिए। इससे कॉलेजों में नए इंस्ट्रुमेंट्स आएंगे व छात्रों के लिए रोजगार का दायरा भी बढ़ेगा।

एनबीआरसी के वैज्ञानिकों ने म्यूजिक सुनकर दिमाग में होने वाले परिवर्तनों पर रिसर्च शुरू किया है। इसके लिए गल्र्स कॉलेज की छात्रओं को अलग-अलग राग सुनाकर उनकी प्रतिक्रया ली गई। अब दिमाग में होने वाली प्रतिक्रियाओं की वजहों पर संगीतज्ञ प्रकाश डालेंगे। इसके लिए राग सुनाने के समय, स्थान, घरानों व राग की रचना से जुड़े पहलुओं की जानकारी साझा की जाएगी। इसका लाभ एनबीआरसी के रिसर्च में भी मिलेगा।

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  • Web Title:ब्रेन रिसर्च से जुड़ी गुत्थियां सुलझाएंगे दिग्गज संगीतकार