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रायगढ़ा जिले में विदेशी पर्यटकों के सैर-सपाटे पर पाबंदी

कंधमाल में इतालवी पर्यटकों के अपहरण के बाद प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है। रायगढ़ा जिला प्रशासन ने आदिवासी बहुल इलाकों में विदेशी पर्यटकों के सैर-सपाटे पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। जिलाधीश नितिन भानुदास जावले ने शनिवार को विभागीय अधिकारियों को यह दिशा-निर्देश जारी किया।

आदेश में बताया गया है कि रायगढ़ा के आदिवासी बहुल इलाकों में नक्सलियों की स्थिति काफी मजबूत है। इन हालात में विदेशी सैलानियों को उन इलाकों में सैर-सपाटे की इजाजत नहीं दी जा सकती। टूर ऑपरेटरों को खास हिदायत दी गयी है कि वे प्रशासनिक नियमों को मानें, अन्यथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि रायगढ़ा जिले के विषकटक के छतीकोना स्थित आदिवासी बाजार विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा है। इस बाजार में डोंगरिया कंध आदिवासी काफी संख्या में देखे जाते हैं। उनकी वेश-भूषा अलग प्रकार की होती है। इसलिए पर्यटक उनमें काफी दिलचस्पी लेते हैं।

2 मार्च 2012 को पुरी एवं भुवनेश्वर के टूर ऑपरेटरों ने इटली, जर्मनी, जापान, नीदरलैंड एवं इंग्लैंड के 50 से ज्यादा विदेशी सैलानियों को उस बाजार का सैर कराया था। उस दौरान विदेशी सैलानियो ने डोंगरिया आदिवासियों का फोटो सूट किया था। इस मसले को लेकर विवाद बढ़ गया था। ओड़िशा विधानसभा में भी यह मामला गूंज था।

अंतत: ओड़िशा सरकार के निर्देश पर प्रदेश के मुख्य सचिव विजय पटनायक ने कार्रवाई करते हुए आठ टूर ऑपरेटरों के खिलाफ मामला दर्ज किया और कार्रवाई की। अब जब कंधलाम में फोटो खींचने को लेकर दो इतालवी नागरिकों का अपहरण का मामला सामने आया तो रायगढ़ा प्रशासन चौकस हो गया है। आदिवासी बहुल इलाकों में विदेशी सैलानियों के सैर सपाटे पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।

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  • Web Title:रायगढ़ा जिले में विदेशी पर्यटकों के सैर-सपाटे पर पाबंदी