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विकास के लिए अपना रोडमैप बनाना बिहार: सैम पित्रोदा

प्रधानमंत्री के सार्वजनिक सूचना आधारभूत संरचना सलाहकार व नेशनल इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने कहा कि बिहार को विकास के लिए केन्द्र पर निर्भर रहने की बजाए अपना रोडमैप बनाना चाहिए।

दूसरों से आर्थिक मदद की जगह अपनी संपत्ति सृजित करनी चाहिए। कृषि, स्वास्थ्य, सर्विस सेक्टर व शिक्षा पर विशेष फोकस करना होगा। इसके लिए मानसिकता में बदलाव लाने की जरूरत है। नई सोच व लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की मदद से बिहार भी बहुत आगे बढ़ सकता है।

22 वर्षो के बाद बिहार आए श्री पित्रोदा रविवार को मीडिया से मुखातिब थे। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के मसले को बहुत ही सहज तरीके से टाल गए व कहा कि यह उनका विषय नहीं है। वैसे उन्होंने माना कि बिहार बदला है। बदल भी रहा है।

लेकिन सवालिया लहजे में कहा कि आखिर किस रफ्तार से? साक्षरता दर पचास फीसदी कर लेने से काम नहीं चलनेवाला है। साक्षरता को 80 फीसदी तक ले जाना होगा। मृत्युदर में कमी लानी होगी। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कई मसलों पर अपनी बेबाक राय रखी।

पेश से उसके प्रमुख अंश;
सवाल:  बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए कि नहीं?
जवाब: इस मामले में मेरी जानकारी बहुत कम है। देश में बहुत राज्य हैं। केन्द्र को सभी राज्यों को देखना होता है। 

सवाल: तो बिहार कैसे आगे बढ़ेगा?
जवाब: बिहार को अपना रोडमैप बनाना चाहिए। केन्द्र के भरोसे रहने की बजाए अपने संसाधन विकसित करने चाहिए। मानव संसाधन को विकसित करना होगा। बिहार बहुत बड़ा राज्य है। मैनपॉवर की कमी नहीं है।

सवाल: किस क्षेत्र पर अधिक ध्यान देना होगा?
जवाब: हर क्षेत्र में बदलाव लाना होगा। खासकर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सेवा क्षेत्र व कृषि उत्पाद के क्षेत्र में विशेष फोकस करना होगा। नई सोच व लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की मदद से बहुत कुछ किया जा सकता है। बिहार में बहुत अधिक क्षमता व संभावनाएं हैं।

सवाल: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए क्या करना होगा?
जवाब: नेशनल नॉलेज नेटवर्क से पूरे देश के शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाना चाहिए। बिहार के भी शैक्षणिक संस्थानों को इससे जोड़ना होगा।

सवाल : विकास में सबसे बड़ी बाधा क्या है?
जवाब: विकास में सबसे बड़ी बाधा हमारी मानसिकता (माइंडसेट) है। जब तक हमारी सोच पुरानी रहेगी हम विकास के मामले में पिछड़े ही रहेंगे।

सवाल: भ्रष्टाचार पर अन्ना हजारे के आंदोलन पर आपकी राय?
जवाब: दो-चार आदमी के रोड पर अभियान चलाने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा। मैं भ्रष्ट नहीं हूं यह मैं दावा कर सकता हूं पर मेरी पत्नी भ्रष्ट है कि नहीं मैं नहीं बता सकता।

सवाल : शिक्षा के क्षेत्र में सुधार कैसे हो?
जवाब: नॉलेज कमीशन की रिपोर्ट तो आ चुकी है। लेकिन साढ़े चार वर्ष से ऊपर हो गए इसके प्रावधानों का क्रियान्वयन नहीं हो सका है। 44 हजार ई.लाइब्रेरी का मामला लटका हुआ है। आम जनता का दबाव नहीं होने से सरकारी योजनाएं सरजमीन पर नहीं उतर पाती हैं।

सवाल: मोतिहारी  व गया में केन्द्रीय विश्वविद्यालय खोलने के विवाद पर आपकी राय?
जवाब: इस बारे में मुङो अधिक जानकारी नहीं है।

सवाल: राज्य में मोबाइल धारकों की तादाद बहुत बढ़ी है?
जवाब: कनेक्टिविटी बिहार ही नहीं पूरे देश में बढ़ी है। लेकिन हम इस कनेक्टिविटी का कितना फायदा उठा सके हैं। जब तक इस कनेक्टिविटी का पूरा फायदा नहीं लेंगे विकास की राहें आसान नहीं होंगी।

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