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विधान परिषद में सपा के लिए बड़ी बाधा होगी बसपा

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुमत के साथ सरकार बनाने वाली समाजवादी पार्टी को उच्च सदन विधान परिषद में काफी मुश्किले आएंगी क्योंकि वहां मुख्य विपक्षी दल बहुजन समाज पार्टी बहुमत में है। विधान परिषद में अल्पमत में होने के कारण सपा को अपनी योजनाओं को विधानमंडल के दोनों सदनों से पारित कराने में मुश्किलें खडी होंगी। सौ सदस्यों वाली विधान परिषद में बसपा के 63 सदस्य हैं जबकि सपा के केवल 13 सदस्य है। ऐसी स्थिति में सरकार को परिषद से विधेयकों को पारित कराना टेढी खीर होगा।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बजट आदि पारित कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन मायावती सरकार के दौरान जिन अधिनियमों में परिवर्तन किए गए हैं उनमें फिर से बदलाव कर पाना नामुमकिन होगा। दूसरी ओर सपा के लोग इसे कोई बाधा नहीं मानते क्योंकि उनका दावा है कि किसी विधेयक के विधानसभा से दो बार पारित हो जाने के बाद विधान परिषद उसे रोक नहीं सकती। वित्तीय विधेयकों को उच्च सदन यथावत पारित कर देता है।

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