DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गरीबी रेखा को नीचे लाने पर राज्यसभा में हंगामा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने गरीबी रेखा को नीचे लाने के योजना आयोग के कदम का मंगलवार को राज्यसभा में विरोध किया।

सदन की बैठक शुरू होने के साथ ही यह मुद्दा उठाया गया। विपक्षी सदस्य, योजना आयोग के इस कदम के विरोध में अपनी सीटों से खड़े हो गए।

ज्ञात हो कि योजना आयोग द्वारा सोमवार को जारी आकड़ों में कहा गया है कि 2004-05 और 2009-10 के बीच गरीबी में काफी कमी आई है। इसमें कहा गया है कि गरीब वे लोग हैं, जिन्होंने शहरी इलाकों में प्रतिदिन 28 रुपये से कम खर्च किया और ग्रामीण इलाकों में प्रतिदिन 22.50 रुपये से कम खर्च किया।

ये आकड़े 2010-11 के गरीबी रेखा के आकड़े से नीचे हैं। 2010-11 में शहरी इलाकों में 32 रुपये प्रतिदिन से कम तथा ग्रामीण इलाकों में 26 रुपये से कम खर्च करने वालों को गरीबी रेखा के नीचे माना गया था।

भाजपा नेता एस.एस. अहलूवालिया ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह गरीबी रेखा का अंत और भुखमरी रेखा की शुरुआत है.. क्या प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री 32 रुपये प्रतिदिन में गुजारा कर सकते हैं?

इस बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा), आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और वाम दलों ने इस मुद्दे पर उनका साथ दिया। केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ल ने जवाब में कहा कि इस मुद्दे को आम बजट पर बहस के दौरान उठाया जा सकता है। फिर भी आप चाहते हैं तो योजना आयोग मंत्री इस मुद्दे पर बोल सकते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गरीबी रेखा को नीचे लाने पर राज्यसभा में हंगामा