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एयरलाइन्स ग्राउंड ड्य़ूटी स्टाफ, उड़ान से पहले और बाद के पायलट

एयरलाइन्स में सिर्फ पायलट या एयर होस्टेस स्टाफ ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि उसके जमीन पर स्थित कार्यालय को संभालने वाले स्टाफ का भी काफी महत्व है। जो हवा में नहीं उड़ना चाहते, वे एयरलाइन्स के जमीनी कार्यालय में अपने करियर की उड़ान भर सकते हैं।

एयरलाइन कंपनियों या प्राइवेट एजेंसियों द्वारा नियुक्त किए जाने वाले ग्राउंड डय़ूटी एजेंट्स को उड़ान से पहले और विमान आने के बाद के विभिन्न कार्यकलापों में शामिल किया जाता है। इनके काम में शामिल है बोर्डिंग पास बनाना, सामान की जांच करना तथा फ्लाइट पर गए यात्रियों के रिकॉर्ड को संभाल कर रखना।

काम का समय
कॉमर्शियल डिपार्टमेंट में काम करने वाले स्टाफ को तीन तरह के शेडय़ूल में काम करना होता है:
रात 11 बजे: एयरपोर्ट पहुंचना
रात 11.30 बजे: यात्रियों के स्टेटस का पता लगाना तथा यह पता करना कि कोई व्हील चेयर वाला यात्री या नवजात शिशु सूची में तो नहीं है। यदि है तो उनके लिए विशेष व्यवस्था करना
रात 1.30 बजे: जैसे ही यात्री अंदर आते हैं, बोर्डिंग पास देने से पहले उनके टिकट तथा पहचान के सबूतों की जांच करना
रात 2.30 बजे: दोस्तों के साथ कॉफी ब्रेक
रात 3 बजे: जारी किए गए बोर्डिंग पास के आधार पर खाली रह गई सीटों का ब्योरा तैयार करना
सुबह 4.30 बजे: जब कोई फ्लाइट आती है तो उतरने वाले यात्रियों का ब्योरा तैयार करना

पारिश्रमिक
आप एक ट्रेनी के रूप में या असिस्टेंट सुपरवाइजर ग्रेड 2 के तौर पर शुरुआत कर सकते हैं, जहां आपको 12,000 से 15,000 रुपए के बीच वेतन मिलेगा। समय के साथ अनुभव बढ़ता जाएगा और इसमें इजाफा होता जाएगा। जैसे-जैसे आप सीढ़ियां चढ़ते जाएंगे, फ्लाइट कंट्रोलर बनते ही आपका वेतन 20 से 25 हजार तक हो जाएगा। ड्य़ूटी ऑफिसर के रूप में आपका वेतन और बढ़ जाएगा। टॉप बॉस यानी एयरपोर्ट मैनेजर के रूप में आपका वेतन 70 से 75 हजार रुपये प्रतिमाह हो जाएगा।

दक्षता
यहां बेहतर कम्युनिकेशन स्किल की जरूरत होती है, क्योंकि यात्रियों से डील करना होता है। आपका मृदुभाषी होना जरूरी है।
संयम का स्तर काफी ज्यादा हो, क्योंकि यात्री कई बार अपना आपा खो देते हैं।
आप शिफ्ट में काम करने को तैयार हों।
जॉब करते समय दक्षता आने से लीडरशिप के गुण निखर आते हैं, क्योंकि आपको कई लोग रिपोर्ट करते हैं।

कैसे करें मुकाम हासिल
12वीं पूरी करने के बाद किसी अच्छे फ्लाइट स्कूल में एक साल का कोर्स करें, जहां आपको कम्युनिकेशन और ग्रूमिंग स्किल्स सिखाई जाती हैं। प्रतिष्ठित अकादमियां भी यह कोर्स करवाने के बाद प्लेसमेंट करवाती हैं। वैसे तो ग्रेजुएशन अनिवार्य नहीं है, लेकिन तेजी से आगे बढ़ने के लिए सलाह है कि डिग्री हासिल कर ली जाए। कुछ इंटरनेशनल एयरलाइन्स केवल ग्रेजुएट को ही काम पर रखती हैं। आप हैंडलिंग एजेंसियों से भी संपर्क में रहें, वे भी रोजगार दिला सकती हैं।

संस्थान
फ्रैंकफिन इंस्टीट्यूट ऑफ एयर होस्टेस ट्रेनिंग, (इस के सेंटर देशभर में विभिन्न लोकेशन्स पर स्थित हैं)
वेबसाइट
: www.frankfinn.com
फ्लाइंग कैट्स, दिल्ली तथा चंडीगढ़
वेबसाइट
: www.flying-cats.com

फायदे व नुकसान
ग्राउंड हैंडलर बनने के लिए आपको ज्यादा क्वालिफिकेशन की जरूरत नहीं
आप 12वीं के बाद भी इस मुकाम को हासिल कर सकते हैं
ग्लैमरस करियर, जहां आप समाज के बड़े तबके से जुड़ते हैं।
आपको अपनी एयरलाइन से मुफ्त टिकट मिलते हैं। आपको सिर्फ टैक्स भरना होता है।
यदि आप जॉब से बोर हो जाएं तो आप हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में जा सकते हैं, जहां एयरपोर्ट का अनुभव काफी मायने रखता है।
ग्राउंड डय़ूटी स्टाफ का करियर काफी छोटा माना जाता है और यहां ग्रोथ भी काफी धीमी होती है।
भुगतान के मामले में यह सेक्टर काफी अच्छा है।

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  • Web Title:उड़ान से पहले और बाद के पायलट