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लाल भी होता है मेंढक

मेंढक को तो तुम सबने देखा ही है। यह पानी या जमीन, दोनों ही जगहों पर आसानी से रह सकता है। इसके शरीर का तापमान वातावरण के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है। मेंढक के चार पैर होते हैं। पिछले दो पैर आगे के पैरों से बड़े होते हैं। इसी वजह से यह लम्बी छलांग लगा सकता है। आगे के पैरों में चार-चार तथा पिछले पैरों में पांच-पांच झिल्लीदार उंगलियां होती हैं, जिनकी वजह से यह आसानी से पानी में तैर सकता है। इसका सिर तिकोना होता है। नर मादा से आकार में छोटा होता है। जब बहुत अधिक ठंड होती है तो ठंड से बचने के लिए यह तालाब आदि की निचली सतह की मिट्टी में लगभग 2 फुट की गहराई तक खोदकर उसी में रहता है और वो भी बिना कुछ खाये-पीये। विश्व में सबसे बड़ा मेंढक पश्चिमी अफ्रीका का गोलियथ है। इसकी लम्बाई 30 सें.मी. और वजन करीब साढ़े तीन किलोग्राम होता है। मेंढकों की कुछ प्रजातियां खतरनाक भी होती हैं। दक्षिण अफ्रीका के जंगलों में जहरीली त्वचा वाले मेंढक और लाल रंग के मेंढक पाये जाते हैं। विश्व में मेंढक की 4000 से भी अधिक प्रजातियां मिलती हैं। 

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