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मंत्रियों के बहाने पूर्वाचल की मांग को दबाने की कवायद

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पूर्वाचल समर्थक दलों को जनता द्वारा नकारे जाने के बाद सपा सरकार ने जनता के घावों पर मरहम लगाने की कोशिश के तहत ही लगभग एक दर्जन विधायकों को कैबिनेट मंत्री के दर्जे से नवाजा है।

उत्तर प्रदेश के गठन के बाद पूर्वाचल से एकमात्र मुख्यमंत्री बीर बहादुर सिंह हुए थे लेकिन सपा ने अपनी नई सरकार में पूर्वाचल के 12 विधायकों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर पूर्वाचल राज्य की मांग को पूरी तरह उठने से पहले ही दबाने की कवायद शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने मंत्रिमंडल में पूर्वाचल से ओमप्रकाश सिंह, अम्बिका चौधरी, राजाराम पांडेय, ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, अवधेश प्रसाद, बलराम यादव, पारसनाथ यादव जैसे बड़े नामों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है। पूर्वाचल के दबदबे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 19 कैबिनेट मंत्रियों में 12 पूर्वाचल के हैं।

सपा के रणनीतिकारों का मानना है कि अलग राज्य की मांग तभी उठती है जब उस क्षेत्र का समुचित विकास न हुआ हो और ऐसे इलाकोंसे विधायकों को मंत्री के रूप में शामिल कर इस तरह की मांगों को दबाने की कोशिश की जाती रही है।

विधानसभा चुनाव में पूर्वाचल राज्य की मांग को लेकर अपना अभियान चलाने वाले राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि सपा की सरकार में पूर्वाचल के लगभग 12 मंत्रियों को कैबिनेट का दर्जा मिला है यह बात सही है लेकिन अब ये मंत्री पूर्वाचल जैसे पिछडे़ इलाके का कितना कल्याण कर पाएंगे यह देखने वाली बात होगी।

राघवेंद्र कहते हैं कि राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के बैनर तले 11 पार्टियों ने अलग पूर्वाचल राज्य की मांग को लेकर मुहिम शुरू की थी और इसमें अपना दल और पीस पार्टी जैसी पार्टियां शामिल थीं। हमारा यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

राघवेंद्र ने कहा कि पूर्वाचल में 167 विधानसभा सीटें और 28 लोकसभा क्षेत्र हैं। सपा की सरकार ने आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह सारी कवायद की है ताकि जनता के गुस्से को कम किया जा सके। विकास कितना होगा यह देखने वाली बात होगी।

राजनीतिक टीकाकार अभयानंद शुक्ल ने कहा कि पूर्वाचल से 12 विधायकों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिए जाने से ही साफ  है कि सपा की रणनीति पूर्वाचल की मांग को कमजोर करने की कोशिश है।

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