DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दिखी गठबंधन की मजबूरी

कई मुद्दों पर सहयोगियों का दबाव झेल रहे प्रधानमंत्री ने माना कि गठबंधन के कारण मुश्किल फैसले और मुश्किल हो जाते हैं। प्रधानमंत्री जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे, सरकार पर तृणमूल कांग्रेस और डीएमके की समर्थन वापसी की तलवार लटकी हुई थी। इसलिए उन्हें सहयोगियों की मांगें मानने की घोषणा करनी पड़ी।

प्रधानमंत्री ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात से पहले रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी का इस्तीफा मंजूर करने के साथ डीएमके के दबाव पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव के समर्थन की घोषणा भी की। इसमें गृह युद्ध के दौरान श्रीलंका में तमिलों पर अत्याचार के आरोप लगाए गए हैं।

प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद डीएमके प्रमुख एम. करुणानिधि ने 22 मार्च को होने वाला अनशन और पार्टी की उच्चस्तरीय बैठक रद्द कर दी। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में सिंह ने एनसीटीसी की वकालत की। साथ ही, उन्होंने एनसीटीसी विवाद सुलझाने के लिए 16 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कीमतों पर काबू पाने की हर मुमकिन कोशिश करेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दिखी गठबंधन की मजबूरी