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सिर्फ दस फीसदी गांव पूर्ण स्वच्छ: जयराम

सिर्फ दस फीसदी गांव पूर्ण स्वच्छ: जयराम

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि सिर्फ दस फीसदी गांव ही पूर्ण स्वच्छता के दायरे में आते हैं और केंद्र सरकार ने बजट में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया है।

देश में स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली संस्था सुलभ इंटरनेशनल द्वारा आयोजित एक पुरस्कार समारोह में रमेश ने कहा, ‘यह दुखद है कि देश के ढाई लाख ग्राम पंचायतों में से सिर्फ 25 हजार ही निर्मल ग्राम पंचायत हैं।’

केंद्र सरकार उन गांवों को निर्मल ग्राम का दर्जा देती है, जो पूरी तरह से स्वच्छता के दायरे में आ गए हैं और जहां खुले में शौच करने की प्रथा पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। रमेश ने मध्य प्रदेश की एक जनजातीय महिला अनिता बाई नारे को पांच लाख रुपये का सुलभ स्वच्छता पुरस्कार दिया। नारे शौचालय के नहीं होने के कारण ससुराल छोड़कर मायके चली गई थी और शर्त लगा दी थी कि शौचालय बनाए जाने पर ही वह ससुराल लौटेगी। सरकार ने अपनी स्वच्छता अभियान में नारे को ब्रांड एम्बेसेडर भी बनाया है।

रमेश ने कहा कि सरकार अगले दस सालों में खुले में शौच करने की प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना चाहती है। उन्होंने साथ ही कहा कि सरकार ने रेल और आम बजट में इस पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा, ‘सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि 10 सालों में हर ग्राम पंचायत निर्मल ग्राम पंचायत बन जाए।’

सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक और सामाजिक कार्यकर्ता बिंदेश्वर पाठक ने नारे की प्रशंसा करते हुए उनके कार्य को साहसी करार दिया। उन्होंने नारे के पति शिवराम और पत्रकार संजय शुक्ला की भी नारे की कहानी को सार्वजनिक तौर पर बताने के लिए सराहना की।

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