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एयर एंबुलेंस एम्स भेजे गए स्वामी ज्ञानस्वरूप

गंगा के लिए अन्न-जल त्याग देने वाले स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद को सोमवार की सुबह एयर एंबुलेंस से नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाया गया। सर सुन्दरलाल अस्पताल से उन्हें सुबह 8.45 बजे एंबुलेंस से हवाई अड्डे तक ले जाया गया। उनके साथ बीएचयू और मंडलीय अस्पताल के चार चिकित्सक बाबतपुर एयरपोर्ट तक गए।

बाबतपुर में एम्स से आए तीन चिकित्सकों के दल ने स्वामी जी को अपनी निगरानी में ले लिया। रविवार की देर रात तक चली रस्साकसी के बाद अल सुबह ही स्वामी जी को ले जाने की तैयारियां शुरू हो गईं। सुबह जिला प्रशासन और सर सुन्दरलाल अस्पताल के चिकित्सकों की निगरानी में स्वामी जी को आईसीयू से स्ट्रेचर पर बाहर लाया गया।

एम्बुलेंस के पास उनके कुछ समर्थक भी खड़े थे। जब स्वामी जी को एंबुलेंस में चढ़ाया जाने लगा तो समर्थक अड़ गए कि जबतक अस्पताल प्रशासन उन्हें दिल्ली भेजने का कोई ठोस कारण नहीं बताता, तब तक ले जाने नहीं दिया जायेगा। इसके बाद एसीएम तृतीय भानू यादव और सीओ भेलूपुर अरविंद मौर्या ने बताया कि स्वामी जी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए दिल्ली भेजा जा रहा है। इसके बाद समर्थकों ने रास्ता छोड़ दिया।

स्वामी जी को लेकर एंबुलेंस पूर्वाह्न करीब 10 बजे हवाईअड्डे पहुंच गई और वहां स्थानीय चिकित्सकों ने स्वामी जी को एम्स से आए दो चिकित्सकों की निगरानी में सौंप दिया। उनका यहां जो भी इलाज किया गया था, उसकी पूरी फाइल भी साथ दे दी। इसके बाद करीब 11.40 बजे एयर एंबुलेंस स्वामी जी को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गई।

स्वामी जी के कपड़े व अन्य सामान लेकर उनका एक सहयोगी और एसीएम तृतीय भानू यादव भी साथ दिल्ली गए हैं। स्वामी सानंद अपने साथ अविमुक्तेश्वरानंद को भी ले जाना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने इनकार कर दिया। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद दोपहर में दूसरे विमान से दिल्ली रवाना हुए।

गौरतलब है कि स्वामी सानंद को रविवार की दोपहर बाद मंडलीय अस्पताल से सर सुन्दरलाल अस्पताल पहुंचाया गया था। जांच के बाद पता चला कि उन्हें माइनर हार्ट अटैक आया है। इसके बाद चिकित्सकों ने रात में स्वामी जी को लखनऊ या दिल्ली भेजने का फैसला किया। रात में ही उन्हें ले जाने की तैयारी शुरू कर दी गयी। लेकिन रात में एयर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकने के कारण अस्पताल प्रशासन रातभर स्वामी जी को आईसीयू में रखने के लिए तैयार हो गया।

जहां रहूंगा, वहीं तपस्या करूंगा
दिल्ली रवाना होने से पहले स्वामी सानंद ने अफसरों से कहा कि मेरी सेहत की चिंता छोड़कर प्रशासन को गंगा की चिंता करनी चाहिए। मैं बिल्कुल ठीक हूं और बीएचयू का पैदल चक्कर लगा सकता हूं। वैसे मुङो जहां ले जाना चाहें, ले जाएं। मेरी तपस्या जारी रहेगी। अगर यहां रखा जाता तो ज्यादा अच्छा होता।

स्वामी जी ने कहा कि मैं प्रशासन के बारे में कुछ नहीं कहना चाहता हूं। पता नहीं क्यों वे मेरे पीछे पड़े हैं। अच्छा होता कि वे अपनी ऊर्जा गंगा की दशा सुधारने पर खर्च करें। मुङो बताया गया कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है। फिर कहा कि हार्ट में समस्या है, लेकिन मुङो नहीं लगता कि ऐसा कुछ है, क्योंकि मैं खुद को स्वस्थ महसूस कर रहा हूं। मंडलीय अस्पताल में कई दिन रखा। फिर अचानक सर सुंदरलाल अस्पताल ले आये, अब यहां से भी कहीं और ले जा रहे हैं। ये मुङो क्यों बाहर ले जाना चाहते हैं, नहीं मालूम। लेकिन जहां भी ले जाएंगे मैं तपस्या जारी रखूंगा।

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  • Web Title:एयर एंबुलेंस एम्स भेजे गए स्वामी ज्ञानस्वरूप