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नैनी में सूबे का पहला सोलर पावर प्लांट तैयार

सूबे की जनता के लिए एक अच्छी खबर है। अब उन्हें बिजली के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। प्रदेश का पहला सोलर पावर प्लांट इलाहाबाद के नैनी में करोड़ों की लागत से ईएमसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में स्थापित हो चुका है और ग्रिड पर बिजली देने की भी शुरुआत हो गई है। अब जल्द ही प्रदेश को सौर ऊर्जा से बिजली मिलने की आस जग रही है।

विद्युतीकरण के क्षेत्र में सौर उर्जा को विकसित करने की पर्याप्त संभावना है। केन्द्र सरकार ने इसकी पहल की है। देश के उत्तरी भाग में 9 से 10 महीने भरपूर धूप मिलती है। इसी के मद्देनजर अगस्त 2010 में एमएनआरई ने जवाहर लाल नेहरू नेशनल सोलर मिशन फेज 1 (बैच 1) के तहत देश भर में पांच मेगावॉट क्षमता के 30 सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना की गई।

योजना के तहत निजी उद्योगपतियों को ऊर्जा क्षेत्र में शत प्रतिशत निवेश करने के लिए आमंत्रित किया गया। जिसमें उर्जा क्षेत्र में कटौती की भरपाई की जा सके। इस परियोजना के मुताबिक देश भर में 30 प्राइवेट कंपनियों का चयन किया गया।

जिसमें 22 राजस्थान, 2 महाराष्ट्र, 2 कर्नाटक, 2 तमिलनाडु, 1 उड़ीसा और 1 उत्तर प्रदेश कंपनियों के प्रास्तावित प्लांट हैं। उत्तर प्रदेश का प्रास्तावित पहला सोलर पॉवर प्लांट निजी क्षेत्र की कंपनी इलाहाबाद के नैनी स्थित ईएमसी लिमिटेड को मिला और वर्ष 2011 जनवरी माह में प्रारंभ किया गया।

लगभग 75 करोड़ की लागत से 25 एकड़ भूमि में 24 हजार 530 सोलर मॉडय़ूल्स स्थापित किए गए। बीती चार मार्च को प्लांट से पांच मेगावॉट विद्युत उर्जा उत्पादन किया गया और प्लांट से निकटतम 132 केवी नैनी कॉम्पलेक्स को आपूर्ति सफलतापूर्वक की गई। 33 हजार लाइन की ग्रिड पर बिजली जोड़ दी गई। 

इसके लिए एमएनआरई ने एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड एनएनवीएन को अधिकृत किया और संपूर्ण कार्य टेंडर स्टेज से लेकर प्लांट स्थापित करने तक का उत्तर दायित्व सौंपा गया। कार्य के निरीक्षण के लिए संबंधित राज्य की नोडल एजेंसियों को एनएनवीएन के साथ संबद्ध कर दिया गया।

ऐसे बनती है बिजली
स्थापित मॉडय़ूल्स पर सूर्य की किरण पड़ती है उसमें डीसी विद्युत ऊर्जा प्राप्त होती है जो इनवर्टर में जाकर एसी विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है और 33 केवी के ट्रांसफार्मर से होती हुई स्थापित पोलिंग स्टेशन से 33 केवी के संचरण लाइन द्वारा ग्रिड पर बिजली आपूर्ति दे दी जाएगी।

प्राइवेट सेक्टर को होगा फायदा
ईएमसी लिमिटेड के उप प्रबंधक एवं सोलर पावर प्लांट के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज छोनंकर ने बताया कि सोलर पॉवर प्लांट के तहत प्रति वर्ष 55 लाख से लेकर 90 लाख यूनिट उप्पादन हुई बिजली को ग्रिड पर देना है। लक्ष्य हासिल होने से बिजली की किल्लत दूर हो सकेगी। खास तौर से प्राईवेट सेक्टर में इसकी ज्यादा खपत होने की उम्मीद है।

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