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दूसरे दिन भी सराफा व्यवसायियों ने किया प्रदर्शन

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के आम बजट से गुस्साए सराफा कारोबारियों ने दूसरे दिन भी अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बाहरद्वारी से जुलूस के रूप में एकत्र होकर कारोबारी कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां जमकर नारेबाजी करने के बाद वित्तमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम अच्छे लाल को सौंपा और सराफा पर टैक्स की दोहरी मार को वापिस लिए जाने की मांग की।

कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान श्री सराफा एसोसिएशन, सराफा कमेटी के अध्यक्ष रमेश चंद्र अग्रवाल एवं राम बाबू माहेश्वरी ने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट पेश करते समय सोने पर आयात शुल्क 1.5 फीसदी से बढ़ाकर तीन फीसदी कर दिया है।

जबकि सोना 999 टंच आयात शुल्क 4 फीसदी बढ़ाकर सर्राफा व्यवसाय में तेजी ला दी है। उन्होंने बताया कि जेम्स एंड ज्वैलरी, वुलियन एसोसिएशन दिल्ली एवं सर्राफा एसोसिएशन उत्तरप्रदेश के आह्वान पर शहर में सराफा व्यवसाई आंदोलनरत हैं। उन्होंने रविवार को भी अपने कारोबार को बंद रख शहर में जुलूस निकाल जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किए।

सराफा व्यवसाई वित्तमंत्री के प्रस्तुत बजट में थोपी गई टैक्स नीतियों के विरोध में हैं। सराफा कारोबारी अखिलेश अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में ही सोने के भाव आसमान छू रहे थे। अब आयातित

शुल्क बढ़ाकर सोना वृद्धि में और इजाफा कर दिया है। इससे ब्रांडेड एवं नानब्रांडेड मार्का ज्वैलरी पर उत्पादन शुल्क लगाकर छोटे स्वर्णकारों को भी टैक्स के दायरे में लाकर खड़ा कर दिया है।

केंद्र सरकार से लगाए गए अप्रत्याशित टैक्स को हटाने की मांग को लेकर व्यवसायियों ने एडीएम अच्छे लाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में अनुरूद्ध पल्तानी, अशोक अग्रवाल, सत्यप्रकाश गहलौत, राजवीर सोलंकी, राजीव अग्रवाल, सत्यनारायण बिडला, राजेश्वर माहेश्वरी, राजीव माहेश्वरी, विपुल अग्रवाल, मिंकी अग्रवाल, सत्यप्रकाश सत्ता, प्रदीप गुप्ता, मुकेश गुप्ता, अवनीश अग्रवाल, हीरेंद्र माहेश्वरी, शरद माहेश्वरी, मुकेशचंद्र वर्मा आदि सराफा कारोबारी हैं।

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