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सीवान में मुर्गियां मरने पर अस्पताल प्रशासन अलर्ट

हिन्दुस्तान संवाददाता सीवान।

जिले के जमसिकरी व ठेपहां कुक्कुट फॉर्म में बीमारी से मुर्गियों के मरने से उठे बवाल के बीच पशुपालन विभाग व स्वास्थ्य महकमा चौकस हो गया है। चौकसी बरतते हुए सीएस डा. चन्द्रशेखर कुमार ने जिले के सभी अस्पतालों के डॉक्टरों को सचेत रहने का निर्देश दिया है। सीएस ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि मुर्गियों की बीमारी से आमजन प्रभावित नहीं हो इस पर विशेष नजर रखी जाए। सीएस ने ठेपहां व जमसिकरी के कुक्कुट फार्म की जांच के लिए मेडिकल टीम का गठन किया है।

टीम में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डा. एमके आलम, डा. एएगनी, एएनएम सरिता कुमारी व फार्मासिस्ट विजेन्द्र कुमार को शामिल किया गया है। टीम जल्द ही दोनों गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेगी।

हालांकि प्रभावित गांवों के दौरे से पूर्व जांच टीम पशुपालन पदाधिकारी डा. रविन्द्र कुमार से भी इस मुद्दे पर चर्चा करेगी ताकि वस्तुस्थिति की सही जानकारी मिल सके। इधर चर्चाओं पर गौर करें तो सीएस ने टीम का गठन हिन्दुस्तान समाचार पत्र में प्रकाशित खबर को देखते हुए किया है। संबंधित अखबार में मुर्गियों के मौत की वजह बर्ड फ्लू बतायी जा रही है जबकि पशुपालन अफसर इसके पीछे संक्रमण फैलने की बात कह रहे हैं। दोनों ही स्थिति मनुष्य के लिए खतरनाक है। इसलिए अपने स्तर से जांच कराने का निर्णय लिया गया है। ताकि समय रहते एहतियात बरता जा सके।

हालांकि सीएस ने कहा कि मामला पशुपालन विभाग का है। इधर जिला पशुपालन अफसर की गठित टीम ने शुक्रवार को कुक्कुट फार्म की जांच कर प्रथम दृष्टया मिक्स वैक्टेरिया माना है। हालांकि रोग की वास्तविकता का पता लगाने के लिए मुर्गियों के दस नमूने जांच के लिए पटना भेजे गए हैं। इस बीच बीमारी से अब तक जिले में पांच हजार से अधिक मुर्गियों की मौत हो चुकी है। सीएस डा. चन्द्रशेखर कुमार ने कहा कि मुर्गियों के मरने के बाद डॉक्टरों को अलर्ट किया गया है। जांच के लिए अपने स्तर से भी टीम का गठन किया गया है, ताकि रोग मनुष्यों में नहीं फैले। इसके लिए एहतियात बरते जा रहे हैं।

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  • Web Title:सीवान में मुर्गियां मरने पर अस्पताल प्रशासन अलर्ट