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पुलिस की मुस्तैदी से डीआईजी भौचक

बरेली। वरिष्ठ संवाददाता

गंगाशील अस्पताल में हुई घटना को लेकर पुलिस खासी मुस्तैद दिखी। पुलिस ने आधे घंटे में लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस की सक्रियता ऐसी थी कि डॉ. निशांत का मेडिकल परीक्षण बाद में हुआ, एफआईआर पहले दर्ज कर ली गई जबकि इसमें मारपीट की धारा दर्ज नहीं की गई। हालांकि पुलिस की इस मुस्तैदी पर खुद डीआईजी ने सवालिया निशान लगा दिया है।डॉ.निशांत गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि सुशील माहेश्वरी और शरद समेत तीन चार लोग उनके चैंबर में घुस आए।

उन्होंने उनके साथ मारपीट और लूटपाट की। डॉक्टर निशांत ने अपने सहयोगियों की मदद से सुशील और शरद को मौके पर ही पकड़ लिया फिर थाने ले जाकर पुलिस को सौंप दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि जब डॉक्टर निशांत ने सुशील और शरद को मौके पर ही पकड़ लिया तो लूटी गई चेन और पांच हजार रुपए क्यों नहीं मिले। डॉ. निशांत के थाना प्रेमनगर पहुंचते ही पुलिस ने बगैर समय गंवाए फौरन एक तहरीर लिखवाई। इसके बाद सुशील, शरद के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज करने के बाद डॉ. निशांत को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। पुलिस का तर्क है कि मुकदमे में मारपीट की धारा मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर तरमीम कर ली जाएगी। इस मामले में डीआईजी लूट जैसी घटना से इनकार करते हैं। हालांकि थाना पुलिस द्वारालूट का मुकदमा दर्ज किए जाने पर वह जांच की बात कह रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज से बेनकाब होंगे लुटेरेगंगाशील अस्पताल में लगे सीसीटीवी से पूरे मामले की हकीकत सामने आ जाएगी। हालांकि पुलिस ने इतने महत्वपूर्ण साक्ष्य को अभी तक नहीं देखा है। डॉ.निशांत के चैंबर और अल्ट्रासाउंड के ईको रूम तक सीसीटीवी लगे हुए हैं।

जाहिर सी बात है कि सीसीटीवी में तोड़फोड़ और लूटपाट के दौरान की तस्वीरें कैद हुई होंगी।गंगाशील अस्पताल में दिनदहाड़े लूटपाट की घटना नहीं हुई होगी। मामला मारपीट का रहा होगा। पुलिस ने इतनी जल्दी में लूट की रिपोर्ट दर्ज की है। मैं पूरे मामले की जांच करा रहा हूं। घटना में जो वास्तविक दोषी होंगे, उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राजकुमार, डीआईजीडॉ.निशांत गुप्ता ने मुङो पकड़कर पुलिस को नहीं सौंपा। मैं अपने बेटे के साथ मेडिकल स्टोर पर बैठा था, वहीं से पुलिस मुङो पकड़कर लाई है। लूटपाट और तोड़फोड़ के आरोप गलत हैं। डॉ.निशांत ने खुद ही अपने चैंबर में तोड़फोड़ की।सुशील माहेश्वरी, मेडिकल स्टोर मालिकमेडिकल स्टोर वाले रविवार को निशांत के चैंबर में घुस गए। उन्होंने वहां हंगामा किया, लातों से चैंबर तोड़ डाला और लूटपाट की। निशांत से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी देकर काफी बवाल किया। एनके गुप्ता, मालिक गंगाशील अस्पताल

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