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मैग्नेटिक साबुन की शुरुआत

पिछले दिनों साबुन उद्योग में एक क्रांतिकारी अध्याय जुड़ा। ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पहला मैग्नेटिक सोप यानी चुम्बकीय साबुन विकसित किया है। लंबे समय से वैज्ञानिक ऐसे साबुन के निर्माण की दिशा में कार्यरत थे, जो तैलीय प्रभाव को दूर कर सके। इसे ध्यान में रखते हुए चुम्बकीय क्षेत्र का प्रयोग करने की सोची गई।

शोधकर्ता जूलियन इस्टोई द्वारा पहली बार चुम्बकीय प्रभाव को जलीय माध्यम में उतार साबुन तैयार किया गया। परीक्षण में पाया गया कि यह चुम्बकीय साबुन जिद्दी से जिद्दी तैलीय दाग को सहज घोल देता है और उसे साफ कर देता है। यही नहीं, क्लोराइड और ब्रोमाइड कणों को संजोए हठी और देर तक जमे रहने वाले दागों को भी यह साबुन चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न कर धो डालता है।

विश्व का पहला मैग्नेटिक सोप उद्योगों के लिए विशेष तौर पर उपयोगी माना जा रहा है। शोधकर्ताओं का दावा है कि यह पूरी तरह सुरक्षित है और प्रभावी भी। भविष्य में यह साबुन उद्योग जगत में ही नहीं, बल्कि घरों में भी काम आएगा। इसे जल्दी बाजार में उतारा जाएगा।

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