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भ्रूण हत्या और नशाखोरी के खिलाफ अलख जगाएं धार्मिक नेता

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री मदन मोहन मित्तल ने धार्मिक नेताओं से आग्रह किया है कि वे अपने प्रवचनों में भ्रूण हत्या और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को भी शामिल करें।

उन्होंने रविवार को यहां कहा कि वे लोगों को इन बुराइयों के खिलाफ जागृत करने और इनके खिलाफ लडाई छेड़ने के लिए तैयार करें ताकि पंजाब की युवा शक्ति को नशे के दलदल से निकाला जा सके।

राज्य का भविष्य अंधकार में है क्योंकि युवाओं से लेकर अधिकांश आबादी नशे की गिरफ्त में है। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ सरकार की ओर से किए गए कार्यों का असर दिखाई देने लगा है और लिंगानुपात में कुछ सुधार हुआ है।

हालांकि अभी ज्यादा कुछ करने की जरुरत है। शिक्षित वर्ग अशिक्षत लोगों के ढर्रे पर चल रहा है। ऐसे कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ रहने के लिए खेलों में भाग लेने का आग्रह किया।

मित्तल ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों को सभी सिविल अस्पतालों में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। पहले से जारी प्रोजेक्टों को पूरा किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में मेडिकल सुविधा को उन्नत किया जाएगा। वह चिकित्सा सुविधा की स्थिति का जायजा लेने अस्पतालों का दौरा करेंगे। अस्पतालों के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बादल सरकार नशाखोरी पर काबू के प्रति कटिबद्ध है तथा नशे की दवाओं की खरीद फरोख्त के विरूद्ध राज्य व्यापी कार्यक्रम चलाएगी।

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  • Web Title:भ्रूण हत्या और नशाखोरी के खिलाफ अलख जगाएं धार्मिक नेता