DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तीसरी सीट से अब भी नाउम्मीद नहीं है भाजपा

राज्यसभा के लिए तीसरी सीट को लेकर भाजपा की उम्मीद अभी टूटी नहीं है। पार्टी के शीर्ष नेताओं की बात अब भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हो रही है। उन्हें उम्मीद है कि इस बार वह जदयू को तैयार कर लेंगे।

अंतिम दौर की वार्ता तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली पहुंचने पर होगी। लेकिन उन्होंने शनिवार को भी विधानसभा स्थित अपने कक्ष से ही उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के साथ दिल्ली के भी कुछ शीर्ष भाजपा नेताओं से बात की। हालांकि अभी तक कोई ऐसा संकेत नहीं मिल रहा है जो भाजपा के लिए उत्साहजनक हो।

दो उम्मीदवारों का नाम फाइनल करने के बावजूद तीसरी सीट अपने खाते में लाने का प्रयास भाजपा अभी भी कर रही है। जदयू की ओर से चौथे उम्मीदवार के रूप में प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम की चर्चा होते ही भाजपा ने भी बड़े नेता का कार्ड खेलना शुरू कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि राज्यसभा में पार्टी के उप नेता एसएस अहलूवालिया का नाम तीसरी सीट के लिए आगे कर भाजपा जदयू से बात कर रही है।

पार्टी के नेताओं का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में दो बार भाजपा अपना अतिरिक्त वोट जदयू उम्मीदवार को दे चुकी है। वर्ष 2006 के राज्यसभा चुनाव में पार्टी ने 19 और वर्ष 2010 में 6 अतिरिक्त वोट जदयू उम्म्मीदवार को जिताने के लिए दिया था।

इसी के साथ वर्ष 1997 के उप चुनाव में भी पार्टी ने जदयू उम्मीदवार शिवानंद तिवारी के लिए पीरो विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार नहीं दिया था। तब श्री तिवारी पहली बार चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे थे। उस समय भी कुछ ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई थी। दोनों ही दल अपने बड़े नेताओं का नाम आगे कर सीट पर कब्जा जमाने में लगे थे। भाजपा ने पीरो विधानसभा के लिए सरयू राय का नाम प्रस्तावित किया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:तीसरी सीट से अब भी नाउम्मीद नहीं है भाजपा