DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बोर्ड परीक्षा : दो दिन में 13255 ने छोड़ी परीक्षा

 मथुरा। निज संवाददाता

नकल के लिये कुख्यात जिले में जिला प्रशासन के नकल विहीन परीक्षा कराने के दावों की पोल खुल कर रह गयी। पहले ही दिन जहां दो केन्द्रों पर सामूहिक नकल पकड़ी तो देहात क्षेत्र के केन्द्रों पर खुलेआम नकल का खेल चला। लेकिन परीक्षा केन्द्रों के दूर होने तथा नकल न होने की आशंका के चलते पहले ही दिन 13 हजार से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ गये। जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में हाईस्कूल व इंटर मीडिएट के करीब एक लाख सात हजार से अधिक छात्र-छात्रा परीक्षा में शामिल हैं। इनके लिये जिले में 165 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। जिला प्रशासन ने बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराने को लेकर देहात क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों के परीक्षा केन्द्र शहर के विद्यालयों में डाल दिये गये। वहीं देहात क्षेत्रों में भी काफी-काफी दूर डाले गये।

इसका असर यह रहा कि पहले दिन ही परीक्षा केन्द्रों पर नकल न होने की आशंका के चलते 13255 परीक्षार्थी अपनी परीक्षा छोड़ गये। वह परीक्षा देने ही नहीं आये। इनमें हाईस्कूल की गणित की परीक्षा में 8342 तथा इंटर में 4913 परीक्षार्थी नहीं आये। इसमें इंटर भौतिक विज्ञान की परीक्षा 4884, सैन्य विज्ञान के 29 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी ओर पुलिस कर्मियों की कमी के साथ ही नकल माफियाओं की अपनी पूर्व की तैयारी के चलते देहात के परीक्षा केन्द्रों पर जम कर नकल का खेल चला। हालांकि जेडी आगरा के सचल दल ने बाद स्थित परीक्षा केन्द्र पर तो उप जिलाधिकारी मांट मनोज कुमार के सचल दल ने जाबरा स्थित परीक्षा केन्द्र पर साल्ब पेपर की फोटो कापी से नकल होते पाये जाने पर परीक्षा निरस्त कर पुन: परीक्षा कराने की संस्तुति जिलाधिकारी से की गयी। तो पहले दिन हाईस्कूल के दो व इंटर के चार परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गये।

इसकी पुष्टि करते हुए कार्यवाहक जिला विद्यालय निरीक्षक राम स्वरूप राजपूत ने बताया कि प्रशासन व विभागीय सचल दलों की कड़ाई के चलते पहले दिन ही 13 हजार से अधिक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे हैं। जबकि सैकड़ों की संख्या में कक्ष निरीक्षक, पर्यवेक्षक आदि अनुपस्थित रहे हैं। जहां से लोग सोचना बंद करते हैं वहां से..जहां से लोग सोचना बंद करते हैं वहां से मैं सोचना शुरू करता हूं फिल्म का डॉयलॉग नकल माफियाओं पर सटीक सा बैठता नजर आ रहा है। क्योंकि पर्ची आदि से नकल कराने के बाद बोल-बोल कर होने वाली नकल को भी अधिकारी व सचल दल कक्षों में उत्तर पुस्तिका मिलान करके एक से प्रश्नों को हल होते देख पकड़ लेते थे। यही कारण है कि एक कदम आगे चलने वाले नकल माफियाओं ने भी इस बार नकल का ट्रेड फिर बदल दिया है। चर्चाओं पर विश्वास करें तो उत्तर पुस्तिका मिलान होने की आशंका के चलते एक कक्ष में दो शिक्षक आधे-आधे परीक्षार्थियों को अलग अलग प्रश्नो के उत्तर बोल कर परीक्षा करा रहे हैं। इसके चलते चैकिंग के दौरान उन्हें कक्षों में अपने स्थान पर बिठा देते हैं ताकि सचल प्रभारी वहां उत्तर पुस्तिका के मिलान न होने पर चले जायं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बोर्ड परीक्षा : दो दिन में 13255 ने छोड़ी परीक्षा