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ब्रिज से जुड़े अधिकारियों के बयान फाइल में किए बंद

मथुरा। निज संवाददाता

जंक्शन पर नवनिर्माणधीन पुल के गिरने के बाद रेलवे अधिकारियों ने ब्रिज से जुड़े अधिकारियों के बयान फाइल में बंद कर लिए हैं। शनिवार को जांच टीम ने लगभग आधा दर्जन अधिकारी और कर्मचारियों के बयान लिए। टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर पुल की ड्राइंग को भी चेक किया। जांच में यह भी जानने का प्रयास किया गया कि मानकों की अनदेखी कहां की गयी है। इस घटना में ब्रिज से जुड़े कई और लोगों पर तलवार चल सकती है। शनिवार को डिप्टी चीफ इंजीनियर ब्रिज सचिन वर्मा इलाहाबाद से मथुरा पहुंचे। उनके साथ सीनियर डीएसओ राजेश कुमार, सीनियर डीईएन कोर्डिनेशन आशुतोष कुमार, डीएन वन देवेंद्र कुमार ने ब्रिज इंस्पेक्टर आरपी चौरसिया, सीनियर इंजीनियर ब्रिज आरएस मीना,ब्रिज के ठेकेदार, सुपरवाईजर आदि के बयान लिए। बयान देने के लिए एक-एक कर के लोग कान्हा गैस्ट हाउस पहुंचते रहे। दोपहर से शुरू हुई पूछताछ देर रात तक चलती रही। इस दौरान रेलवे अधिकारियों में हलचल मची रही। आगरा और इलाहाबाद के अधिकारियों के फोन भी यहां घनघनाते रहे। घटना से जुड़े लोग अपनी गर्दन बचाने में लगे हुए हैं। जांच टीम ने बड़ी बारिकी से घटना के फोटो और वीडियो रिकार्डिग देखी। टीम के सदस्य काफी देर तक कम्प्यूटर से ही चिपके रहे। टीम ने पुल के निर्माण के मानक और कार्य में प्रयुक्त सामान के मानक भी जानने का प्रयास किया। इस बात पर भी जांच की गयी की पुल मानकों के अनुरूप ही बन रहा था कि नहीं। रेलवे अधिकारियों द्वारा पुल के निर्माण का कार्य शुरू करा दिया गया है। शुक्रवार को देररात्रि ओएचई का कार्य पूरा होने के बाद यार्ड को भी चालू करा दिया गया। इससे गाडिम्यों को प्लेस करने में भी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ रहा है। ं

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