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मनरेगा के तहत पांच परिवारों को दिया गया बेरोजगारी भत्ता

बिहार में वित्तीय वर्ष 2011-12 के दौरान मांग के 15 दिनों के भीतर काम नहीं उपलब्ध कराने पर महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत पांच परिवारों को बेरोजगारी भत्ता 5220 रुपया उपलब्ध कराया गया है।

ग्रामीण विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने विधानसभा में बताया कि राज्य के मुजफ्फरपुर जिले में 3 और शिवहर में 2 जाब कार्डधारक परिवारों को मांग के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराये जाने पर मनरेगा के तहत 5220 रुपया बेरोजगारी भत्ता के रूप में 2011-12 में उपलब्ध कराया गया है।

भाजपा सदस्य अवनीश कुमार सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मिश्रा ने कहा कि राज्य में 2011-12 के दौरान 13595 जाब कार्ड धारक परिवारों ने रोजगार की मांग की, जिसमें से 8375 परिवारों को काम दिया गया। पांच परिवारों को 15 दिनों के भीतर रोजगार नहीं उपलब्ध कराये जाने पर उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया गया है।

उन्होंने कहा कि 5215 परिवारों ने पंचायतों और संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारियों के कार्यालय में जाकर काम की मांग नहीं की गयी। उनके द्वारा मनरेगा की वेबसाइट पर काम के मांग संबंधी प्रविष्टि सीधे कर दी गयी। मिश्रा ने कहा कि राज्य में तय न्यनूतम मजदूरी 144 रुपये के तहत काम उपलब्ध नहीं काने पर 30 दिनों तक 36 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। इसके बाद 72 रुपये प्रति दिन के हिसाब से बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है।

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  • Web Title:मनरेगा के तहत पांच परिवारों को बेरोजगारी भत्ता