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सप्ताहभर में 2,500 मुर्गियों की मौत

बिहार के सीवान जिले के विभिन्न गांवों में एक सप्ताह के अंदर दो से ढ़ाई हजार मुर्गियां अज्ञात बीमारी से मर गई हैं। वैसे जिला पशुपालन विभाग ने इस बीमारी के बर्ड फ्लू होने से इंकार करते हुए डॉक्टरों की टीम गठित कर दी है। विभाग ने मृत मुर्गियों के नमूने जांच के लिए भेजने की बात कही है।

मुर्गीपालकों के मुताबिक सीवान के सदर प्रखंड के एक मुर्गी पालन केंद्र में पिछले दो दिनों के अंदर एक हजार मुर्गियां मर गईं। दूसरी ओर जीरादेई प्रखंड के ठेपहा गांव के मुर्गी पालक जीतेंद्र सिंह के अनुसार उनके मुर्गी पालन केंद्र में पिछले चार दिनों के अंदर 1600 से ज्यादा मुर्गियों ने दम तोड़ दिया। वह कहते हैं कि जो मुर्गियां जीवित हैं, उनकी हालत भी दयनीय बनी हुई है।

इधर, जिला पशुपालन अधिकारी डॉ़ रवींद्र कुमार राम ने शनिवार को कहा कि मुर्गियों के मरने के समाचार मिलने के बाद तीन सदस्यीय चिकित्सकों का टीम गठित कर उसे उन इलाकों में भेजा गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि टीम के सदस्यों के अनुसार मृत मुर्गियों में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं लेकिन मृत मुर्गियों के नमूने जांच के लिए पटना भेजे गए हैं।

राम ने कहा कि मौसम में आए बदलाव को मुर्गियों में होने वाली बीमारी की मुख्य वजह माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिना जांच के बीमारी के बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं किया जा सकता।

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