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पुल गिरने के लिए ब्रिज विभाग जिम्मेदार

मथुरा। निज संवाददाता

जंक्शन रेलवे स्टेशन पर नवनिर्माणधीन पुल के गिरने के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कम्प मचा हुआ है। आनन-फानन में जांच शुरू कर दी गयी है। रेलवे अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए ज्वाइंट नोट में पुल के क्षतिग्रस्त होने के लिए ब्रिज विभाग को जिम्मेदार ठहराया गया है।

पुल के गिरने से लगभग एक करोड़ रुपया के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। गुरुवार को ब्रिज इंस्पेक्टर के निलंबन के बाद शुक्रवार को सीनियर इंजीनियर ब्रिज को भी निलंबित कर दिया गया है। शुक्रवार को पौ फटते ही डीआरएम, एडीआरएम, सीनियर डीएनई, सीनियर डीएनई ओएनडीएफ, सीनियर डीएनई कोर्डीनेशन आदि ने जंक्शन पर डेरा डाल दिया। वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में प्लेटफार्म नंबर पांच से सिक लाइन तक पुल को काटने का कार्य शुरू कर दिया गया।

एफओबी के ग्राउंड में लगे हुए स्लीपर भी गिराए जाने लगे। यह कार्य क्रेन द्वारा कराया जा रहा था। रेलवे अधिकारियों ने बैठक कर घटना पर भी मंथन किया गया। पुल के गिरने और नव निर्माण के कार्य में लगभग एक करोड़ रुपया का खर्चा आने का अनुमान लगाया जा रहा है।

रेलवे प्रशासन द्वारा तैयार किए गए ज्वाइंट नोट में ब्रिज विभाग को जिम्मेदार ठहराया गया है। ज्वाइंट नोट सीएसआई एसएस शर्मा, सीडब्लूआई सोहरन सिंह, पीडब्लू आई भगवान सिंह, ब्रिज इंस्पेक्ट एलएलई, सीवाईएम मथुरा, एसएस गुप्ता आदि द्वारा तैयार किया गया है। पुल गिरने की घटना में लापरवाही के लिए सीनियर इंजीनियर ब्रिज आरएस मीना को निलंबित किया गया है।

डीआरएम देवेश मिश्रा ने बताया कि पुल पर कार्य सुबह से ही चालू कर दिया गया था। इस घटना के लिए सीनियर इंजीनियर ब्रिज को निलंबित किया गया है। एआरटी लौट गयी फरह से -डीजल इंजन से नहीं लायी गयीमथुरा। निज संवाददातारेलवे अधिकारियों ने एक बार फिर लापरवाही दिखाई।

पुल काटने व एफओबी के ग्राउंड के स्लीपर गिराने के लिए झांसी से मंगाई गयी एआरटी फरह से ही बैरंग लौट गयी। इसका कारण एआरटी का डीजल इंजन से ना लाया जाना बताया जा रहा है।

घटना स्थल पर ओएचई टूट चुकी थीं इस कारण एआरटी का यार्ड में पहुंचना संभव नहीं हो सका। पुल के गिरने के बाद गुरुवार की रात्रि में ही एआरटी झांसी से बुलायी गयी। लेकिन डीजल इंजन न होने के कारण इसे फरह रेलवे स्टेशन पर खड़ा कर दिया गया। शुक्रवार को सुबह रेलवे अधिकारियों ने 150 टन की क्रेन से ही कार्य करना शुरू कर दिया। काम नियंत्रण में आने लगा तो एआरटी को वापिस झांसी भेज दिया गया। रेलवे सूत्रों का कहना है कि एआरटी को लाने में लापरवाही बरती गयी है। इस तरह की घटना होने पर राहत गाडिम्यों को डीजल इंजन से लाया जाता है।

अनुमान लगाया जाता है कि कहीं घटना स्थल पर ओएचई भी टूट सकती हैं। इसलिए राहत गाडिम्यों को डीजल इंजन से लाया जाता है। सेकेंट एंट्री हुई छह माह लेट-जल्द ही खुलनी थी यात्रियों के लिएमथुरा। निज संवाददाताजंक्शन पर नवनिर्माणधीन पुल के गिरने के बाद यात्रियों को सेकेंड एंट्री के लिए लगभग छह माह और इंतजार करना पड़ेगा। रेलवे प्रशासन इस पुल को जल्द ही यात्रियों के लिए खोलने वाला था।

सूत्रों का कहना था कि रेलवे अधिकारी बुधवार को जीएम से ही इसका उद्घाटन कराने की फिराक में थे। जंक्शन पर गोपाल नगर की तरफ से जंक्शन पर प्रवेश करने के लिए द्वितीय एंट्री का निर्माण कार्य चल रहा था। इस एंट्री को प्लेटफार्म नंबर पांच से जोड़ने के लिए पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। पुल के निर्माण का कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका था। रेलवे अधिकारी जल्द से जल्द इस पुल को यात्रियों के लिए खोलने के इंतजार में थे लेकिन गुरुवार को पुल गिरने के बाद दुबारा इसे तैयार करने में लगभग छह माह का समय लगने का अनुमान लगाया जा रहा है।

इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कम्प मचा हुआ है। रेलवे अधिकारी भगवान का शुक्र अदा कर रहे हैं कि पुल शुरू होने से पहले ही धाराशाही हो गया। अगर पुल शुभारंभ के बाद गिरता तो बड़ा हादसा होना निश्चित था।

जीएम के निरीक्षण के कारण अगस्त क्रांति हुई लेट

रेलवे अधिकारी पुल गिरने की घटना से ऊभर भी नहीं सके थे कि जीएम के निरीक्षण ने भी परेशानी खड़ी कर दी है। निरीक्षण के दौरान प्लेटफार्म नंबर एक पर जीएम स्पेशल को प्लेस किया गया था। इस कारण अप रूट की अग्रस्तक्रांति एक्सप्रेस को आउटर पर रोक दिया गया।

यह गाड़ी लगभग बीस मिनट आउटर पर ही खड़ी रही। इस कारण यात्रियों को परेशानी ङोलनी पड़ी। इस मामले की गूंज रेलवे बोर्ड तक पहुंच चुकी है। अधिकारी मामले पर पर्दा डालने के प्रयास में लगे हैं। प्लेंटफार्म नंबर पांच बंद रहने से हुई परेशानीमथुरा। जंक्शन पर नवनिर्माणधीन पुल के गिरने के कारण ओएचई भी क्षतिग्रस्त हो गयी। इस कारण यार्ड और प्लेटफार्म नंबर पांच पर गाडिम्यों को प्लेस नहीं किया जा सका। मालगाडिम्यों को भी प्लेटफार्म नंबर तीन व अन्य लाइनों से गुजारा गया। मथुरा-इलाहाबाद एक्सप्रेस, लखनऊ एकसप्रेस, जनता एक्सप्रेस आदि गाडिम्यों की प्लेटफार्म नंबर तीन से गुजारी गयीं।

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