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क्रेडिट छात्रों को 100 के बजाए 70 में मिलेंगे अंक

हाईस्कूल की बदली व्यवस्था ने छात्रों को कहीं का नहीं छोड़ा है। वर्ष 2011 में जो छात्र तीन विषयों में फेल हो गए थे उन्हें केवल इन्हीं विषयों की परीक्षा देनी थी। इनके पेपर 100 अंकों के होने चाहिए थे लेकिन सभी हाईस्कूल के पेपर 70 नंबरों के आए। अब क्रेडिट पाने वाले छात्रों को भी 100 के बजाए 70 में अंक दिए जाएंगे। 

बोर्ड ने हाईस्कूल परीक्षा के नियम बदल दिए थे। इसके अन्तर्गत अगर कोई छात्र दो विषयों में फेल होता है तो उसे किसी एक विषय में कंपार्टमेंट परीक्षा देने का अधिकार है। फेल होने वाले इन विषयों में अगर हिन्दी भी शामिल है तो उसे हिन्दी की कंपार्टमेंट परीक्षा अनिवार्य रूप से देनी होगी। यदि एक विषय की इस कंपार्टमेंट परीक्षा में छात्र पास हो जाता है तो उसे11वीं में प्रवेश दे दिया जाता है।

इसके अतिरिक्त दो से ज्यादा विषयों में फेल होने पर छात्रों को क्लास नहीं मिलेगा, लेकिन बोर्ड की अगले वर्ष होने वाली परीक्षा केवल उन विषयों की देनी होगी जिसमें वह फेल हुआ है। जिन विषयों में वह पास होता जाएगा, उसे क्रेडिट स्कीम के तहत पास विषयों की लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा। यदि वह एक विषय (हिन्दी छोड़कर) में फेल रह जाता है तो उसे क्लास मिल जाएगी। यह व्यवस्था पिछले तीन सालों से चल रही है।

बोर्ड की 2012 की परीक्षा में विगत वर्षो में फेल छात्रों के लिए अलग पेपर आना चाहिए था जो नहीं आया। इनकी कॉपियां भी अलग से संकलित नहीं की गई हैं। अब जिन छात्रों को 100 अंक में नंबर मिलने चाहिए थे। उन्हें 70 अंक में नंबर मिलेंगे। शिक्षा विभाग इस व्यवस्था पर खामोश है।

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