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निर्मल गंगा के लिए राष्ट्रपति से लगाई गुहार

गंगा के निर्मलीकरण की मांग लेकर संगमनगरी में आक्रोश बढ़ रहा है। अन्न-जल त्याग कर काशी में तपस्यारत स्वामी ज्ञानस्वरूप सानन्द के समर्थन में संगमनगरी के गंगा भक्तों ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है।

इस कड़ी में गंगा भक्तों ने सबसे पहले गंगा के निर्मलीकरण को राष्ट्रपति से गुहार लगाई है। गंगा भक्तों ने शुक्रवार को डीएम से मिलकर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन में गंगा भक्तों ने स्वामी ज्ञानस्वरूप की तपस्या भंग करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। गंगा भक्तों के मुताबिक सरकारी एजेंसियों को स्वामी की तपस्या भंग करने की बजाय गंगा के निर्मलीकरण का प्रयास करना चाहिए।

ज्ञापन सौंपने के बाद गंगा भक्तों ने कहा कि गंगा निर्मलीकरण के नाम पर अरबों रुपया खर्च किया जा रहा है। पहले भी अरबों खर्च होने के बाद गंगा का पानी और दूषित हो गया। नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। बिजली बनाने और सिंचाई के लिए गंगा से पानी निकाला जा रहा है। सीवर और नालों के गंदे पानी की मात्र गंगा में लगातार बढ़ रही है। ज्ञापन सौंपने वालों में गंगा सेवा मिशन के संयोजक मनोज मनस्वी, त्रिवेणी प्रसाद त्रिपाठी, बजरंग सिंह, संतोष तिवारी, मंजू पाठक, अरुणा सिंह, उदित नारायण शुक्ला, डीएन यादव आदि मौजूद रहे।

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