DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

टाट पर बैठ दिया परचा कहीं निरीक्षक ही नदारद

अव्यवस्था और अफरातफरी के बीज जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुक्रवार से आरंभ हो गईं। आशंका के मुताबिक कक्ष निरीक्षकों की कमी ने केन्द्र व्यवस्थापकों को हलकान किया। पहली पाली में जक्खिनी स्थित एक सेंटर पर परीक्षार्थियों को टाट-पट्टी पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी। कई केन्द्रों पर बंडल स्लिप कम पड़ गए। बढ़े हुए केन्द्र और परीक्षार्थियों की संख्या के मुताबिक पहले दिन कक्ष निरीक्षकों का इंतजाम नहीं हो सका। प्राथमिक स्कूलों के जिन शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के तौर पर लगाई गई थी, उनमें से अधिकतर केन्द्रों पर पहुंचे ही नहीं। लिहाजा कई परीक्षा केन्द्रों पर एक-एक कक्ष निरीक्षक के सहारे परीक्षा करानी पड़ी। डीआईओएस कार्यालय का कन्ट्रोल रूम पर इसके लिए बराबर फोन आते रहे। कक्ष निरीक्षकों की समस्या का अंदाजा पहले से था।
दूसरी ओर राजकीय इंटर कॉलेज (जक्खिनी) में फर्नीचर की कमी परीक्षार्थियों की परेशानी का कारण बनी। इस केन्द्र पर 520 परीक्षार्थी थे। एक हॉल में मेज और कुर्सी की व्यवस्था न होने से परीक्षार्थियों को टाट-पट्टी पर बैठ कर परीक्षा देनी पड़ी। केन्द्र व्यवस्थापक सोमारू प्रधान ने बताया कि इस बारे में डीआईओएस को पहले ही सूचित किया गया था। परीक्षार्थियों को भी एक दिन पहले इसकी जानकारी दी गई थी कि ऐसी स्थिति के कारण राइटिंग पैड साथ लेकर आएं। लेकिन जो परीक्षार्थी राइटिंग पैड लेकर नहीं आए थे उन्हें विद्यालय की ओर से मुहैया कराया गया।

पटेल इंटर कॉलेज (चांदपुर) के दो छात्रों को प्रवेशपत्र में गड़बड़ी का खामियाजा भुगतना पड़ा। यहां की छात्रओं का सेंटर मातादीन सुकुल स्मारक इंटर कॉलेज में पड़ा था। प्रवेशपत्र में जेंडर कोड की गलती से उनका सेंटर भी मातादीन सुकुल इंटर कॉलेज में चला गया। इसी बीच सरदार पटेल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने वहां यह लिखकर भेज दिया कि इन छात्रों का सेंटर कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज में है, वह वहीं परीक्षा देंगे। इस पत्र के आधार पर दोनों मातादीन सुकुल स्मारक इंटर कॉलेज में भी परीक्षा नहीं दे सके। वह जब कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज पहुंच तो देर होने के कारण समस्या आयी। हालांकि प्रधानाचार्य अशोक कुमार श्रीवास्तव का कहना था कि न छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति दे दी गई।

इसी सेंटर पर छह लड़कियां ऐसी पहुंचीं जिनके अनुक्रमांक अंतिम समय आवंटित किए गए। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लगने पर प्रधानाचार्य ने इस पर डीआईओएस से सम्पर्क किया। डीआईओएस की अनुमति पर उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई। दूसरी ओर उड़ाका दल ने पहली पाली में सवरेदय इंटर कॉलेज (लखनसेनपुर) एक परीक्षार्थी को नकल करते पकड़ लिया। कई केन्द्रों पर बंडल स्लिप कम पड़न से केन्द्र व्यवस्थापकों को परेशानी उठानी पड़ी। बाद में डीआईओएस कार्यालय से उन्हें बंडल स्लिप भेजा गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:टाट पर बैठ दिया परचा कहीं निरीक्षक ही नदारद