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परीक्षा पर उठे सवाल, सैकड़ों ने छोड़ी परीक्षा

यह है यूपी बोर्ड परीक्षा का हाल। पहले पास होने की चाह में निजी कॉलेज से परीक्षा फॉर्म भरा, फिर गारंटी से पास होने की उम्मीद में एक मोटी रकम का भुगतान किया।

मनमाफिक परीक्षा केन्द्र मिलने के भरोसे पर परीक्षा की तैयारी भी नहीं की और जब परीक्षा केन्द्र सरकारी स्कूल में गया तो सिर्फ चार केन्द्रों पर ही करीब सात सौ परीक्षार्थियों ने पहले ही दिन परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा छोड़ने वाले केन्द्रों की यह तो सिर्फ बानगीभर है। परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों की संख्या सैकड़ों में है।

आखिर वही हुआ जिसकी आशंका थी। यूपी बोर्ड की परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए सैकड़ों परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। हाईस्कूल के करीब 77 हजार छात्र-छात्र परीक्षा दे रहे हैं। पेपर दिए बिना ही जीआईसी, शाहगंज से हाईस्कूल के 186, आरबीएस इंटर कॉलेज से 160, श्री रत्नमुनि जैन इंटर कॉलेज से 171 और एमडी जैन इंटर कॉलेज से इंटर के 120 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। यह तो चार सरकारी स्कूलों के आकंड़े हैं।

जबकि पहले ही दिन परीक्षा छोड़ने वालों की संख्या एक हजार से अधिक है। सूत्रों की मानें तो 19 मार्च, सोमवार को हाईस्कूल कॉमर्स विषय की परीक्षा है। नकल की उम्मीद में परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों को पहले ही दिन मायूसी का सामना करना पड़ा है। सोमवार को भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ सकते हैं।

श्री रत्नमुनि जैन इंटर कॉलेज में संजय गांधी इंटर कॉलेज दैवरोठा के संस्थागत और महार्षि परशुराम इंटर कॉलेज प्राइवेट के परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। प्रधानाचार्य डॉ अनिल वशिष्ठ ने बताया कि सुबह की पाली में परीक्षार्थियों ने गणित के पेपर में उत्तर पुस्तिका का एक पेज से अधिक नहीं भरा है। कुछ ऐसी ही स्थिति आरबीएस इंटर कॉलेज में थी। यहाँ भी प्रधानाचार्य का कहना है कि दजर्नों परीक्षार्थी तो ऐसे थे जिन्होंने कॉपी पर कलम भी नहीं चलाई है।

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