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सेवाकर में वृद्धि से एसी ट्रेन में सफर होगा महंगा

वित्त वर्ष 1012-13 के बजट में सेवा कर के दायरे में बढोतरी किए जाने और कुछ सेवाओं को नकारात्मक सूची में डाले जाने से महंगाई बढने के साथ ही ट्रेनों के वातानुकूलित एवं प्रथम श्रेणी डिब्बों में सफर करना और भी महंगा हो जाएगा। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा संसद में बजट पेश किए जाने के बाद वित्त सचिव आर एस गुजराल ने आज यहां पत्रकारों से चर्चा में स्पष्ट किया कि सेवा कर को वर्तमान 10 प्रतिशत से बढाकर 12 प्रतिशत किए जाने और उत्पाद शुल्क में बढोतरी किए जाने का असर मुद्रास्फीति पर होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन और वित्तीय समायोजन के लिए ऐसा करना आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति पर इसका असर तात्कालिक होगा जबकि वित्तीय समायोजन के उपाय किए जाने का दीर्घकालिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि सेवा कर में दो प्रतिशत की बढोतरी किए जाने का असर आम लोगों पर एक प्रतिशत ही पडे़गा। जबकि इसके दायरे में बढोतरी किए जाने से राजस्व में वृद्धि होगी।
 
सेवा कर के दायरे में बढोतरी किए जाने और उसके दायरे में भारतीय रेलवे की सेवाओं के आने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जहां निजी और सार्वजनिक क्षेत्र सेवाएं प्रदान कर रही है उन क्षेत्रों को इसमें शामिल किया है लेकिन जहां तक रेल सेवा की बात है तो इस दायरे में प्रथम श्रेणी कोच और वातानुकूलित डिब्बों में यात्रा को शामिल किया गया है।
 
उल्लेखनीय है कि रेल बजट 2012.13 में यात्री किराए में दो पैसे से लेकर 30 पैसे प्रति किलोमीटर तक की वृद्धि करने का प्रस्ताव किया गया है। सामान्य किराया 2 पैसे प्रति किलोमीटर, मेल का किराया 3 पैसे प्रति किलोमीटर, स्लीपर का किराया 5 पैसे प्रति किलोमीटर, एसी 3 टीयर का किराया 10 पैसा एसी 2 टीयर का 15 पैसे और एसी प्रथम श्रेणी का किराया 30 पैसे प्रति किलोमीटर बढाने की बात कही गई है। अब रेल के प्रथम श्रेणी और वातानुकूलित श्रेणी में सफर को सेवा कर के दायरे में लाने से यात्रियों को कुल किराए का 12 प्रतिशत अधिक भुगतान करना पडेगा।

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  • Web Title:सेवाकर में वृद्धि से एसी ट्रेन में सफर होगा महंगा