DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अर्थव्यवस्था में सुधार, कठोर निर्णयों का समय

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को लोकसभा में पेश आम बजट में देश की अर्थव्यवस्था में सुधार के स्पष्ट संकेतों के बीच सब्सिडी में कटौती करने, निवेश को बढ़ावा देने तथा सम्पूर्ण कर व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।

मुखर्जी केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में अपना सातवां आम बजट पेश कर रहे थे। उन्होंने सुबह ठीक 11 बजे अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अनुमानित 6.9 फीसदी की विकास दर 'निराशाजनक' है, लेकिन आगे का रास्ता भरोसेवाला लगता है।

मुखर्जी ने कहा कि वैश्विक आर्थिक संकट ने हमें प्रभावित किया है। देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 2011-12 के दौरान 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि पिछले दो वर्षो से 8.4 फीसदी थी।

मुखर्जी ने कहा कि यद्यपि अर्थव्यवस्था पर मंदी के कुप्रभावों को कम करने में हम सक्षम रहे हैं, लेकिन इस वर्ष का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। फिर भी भारत अन्य देशों की तुलना में आर्थिक विकास के मामले में अग्रिम पंक्ति के देशों में खड़ा है।

मुखर्जी ने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सुधार के मुहाने पर खड़ी है, क्योंकि कृषि एवं सेवा क्षेत्र में संतोषजनक रफ्तार से वृद्धि हो रही है। लेकिन औद्योगिक प्रदर्शन हमारे पैर पीछे खींच रहा है।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि यद्यपि चालू वित्त वर्ष (2011-12) की अंतिम तिमाही के पूरे आंकड़े हमारे पास उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन इस अवधि के दौरान उपलब्ध संकेतकों से पता चलता है कि अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है। कोयला, उर्वरक, सीमेंट एवं बिजली क्षेत्रों से सुधार के संकेत मिले हैं।

मुखर्जी ने नए आर्थिक प्रस्तावों में भरोसा दिलाया है कि वह सब्सिडी में कटौती करेंगे, और ऐसी नीतियां बनाएंगे कि सब्सिडी सीधे किसानों को हस्तांतरित कर दी जाए। यह नीति नंदन नीलेकणी की रपट पर आधारित होगी।

मुखर्जी ने यह भी आश्वस्त किया कि एकसमान अखिल भारतीय वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लिए आवश्यक एक नेटवर्क इस वर्ष के अगस्त तक तैयार कर लिया जाएगा और इसकी तैयारी से सम्बंधित प्रक्रिया को यथासम्भव जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्यक्ष कर संहिता पर एक संसदीय समिति की सिफारिशों का भी परीक्षण कर रही है और यह व्यवस्था जल्द ही लागू की जाएगी।

मुखर्जी ने कहा कि देश में निवेश के वातावरण तैयार करने की कोशिश के तहत पूंजी बाजारों पर नियंत्रण रखने वाले नियमों में सुधार करना और उसे आसान बनाना सरकार का लक्ष्य है। मुखर्जी ने कहा कि चूंकि 12वीं पंचवर्षीय योजना पहली अप्रैल से शुरू हो रही है, लिहाजा उनकी सरकार पांच प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अर्थव्यवस्था में सुधार, कठोर निर्णयों का समय