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तेज धमाके के साथ हवा में लटक गया रेलवे ब्रिज

 मथुरा। निज संवाददाता

 

जंक्शन पर निर्माणाधीन पुल शुरू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया। ओएचई तार से टकराने के कारण जोर की आवाज हुई। इससे जंक्शन पर हड़कम्प मच गया। पुल पर कार्य कर रहे मजदूर अपनी जान बचाकर भागने लगे। निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचने के कुछ देर बाद ही खिसक लिए। घटना का कारण मानकों की अनदेखी बताया जा रहा है। घटना स्थल पर मौजूद लोग कुछ भी बोलने से बचते रहे। आनन-फानन में घटना की जांच शुरू कर दी गयी और लापरवाही बरतने पर ब्रिज इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया। सेकेण्ड एंट्री को प्लेटफार्म नंबर 4/5 को जोड़ने के लिए ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। गुरुवार को पुल पर स्लेब डाली जा रही थी। निर्माण कार्य के दौरान पुल पूरा नीचे झुकने लगा। पुल गिरता देख यात्रियों में भी हलचल मच गयी। ओएचई तार से टकराने के कारण बहुत जोर की आवाज हुई। पुल किमी संख्या 1396 के खंभे पर टिक गया और हादसा टल गया। रेलवे कर्मचारियों का मानना था कि अगर यह पुल खंभे पर नहीं टिकता तो निश्चित ही बड़ा हादसा होना तय था। इस दौरान आईसीबार स्पेशल मालगाड़ी चलने के लिए तयार खड़ी थी। इसके अलावा तीन मालगाडिम्यां और यार्ड में चलने के इंतजार में खड़ीं थीं। ओएचई टूट जाने के कारण मालगाडिम्यों का संचालन बाधित हो गया। घटना की जानकारी होते ही आगरा से क्रेन मथुरा के लिए रवाना कर दी गयी। घटना के दौरान पुल पर जयलाल, कलुआ, गुठियारी, प्रीतम, शिवचंद आदि मजदूर कार्य कर रहे थे। घटना होते ही ठेकेदार गायब हो गया। डिटपी चीफ इंजीनियर ब्रिज भी घटना की जानकारी के लिए मौके पर पहुंच गए। देररात्रि पुल को सही कराने का कार्य भी शुरू कर दिया गया। डीआरएम देवेश मिश्र ने बताया कि घटना की जांच शुरू करा दी है। ब्रिज इंस्पेक्टर आरपी चौरसिया को निलंबित कर दिया गया है। पुल को सही कराने के लिए क्रेन रवाना कर दी गयी है। पुल को सही कराने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बच गए दस परिवार उजड़ने से मजदूर कर रहे थे भगवान का शुक्रिया अदा मथुरा। निज संवाददाताजंक्शन पर ओबरब्रिज निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की ओबर ब्रिज को देखकर सांसें फूल रहीं थी। मुंह से हांफते हुए आवाज निकल रही थी और भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे थे। सभी की जुबान पर एक ही बात थी कि यह नगरी भगवान श्रीकृष्ण की है इसलिए जान बच गयी। भगवान किसी के परिवार को नहीं उजाड़ सकते हैं। मजदूरों के परिवारों को भी घटना की जानकारी लगने के बाद कुशलता पूछनें के लिए फोन घनघना रहे थे। मजदूर परिजनों को एक ही जबाव दे रहे थे कि बस भगवान ने बचा लिया। जिस समय यह घटना हुई उस समय पुल पर दस से ज्यादा मजदूर कार्य कर रहे थे।

मजदूरों में अधिकांश शादी शुदा थे तो किसी पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। भले ही रेलवे अधिकारी घटना हो हल्का बनाकर टालने का प्रयास कर रहें है अगर सही तरह देखा जाए तो दस लोग नहीं दस परिवार तबाह हो जाते। पुल पर काम कर रहे जयलाल ने बताया कि उन्हें केवल पुल पर स्लेब डालने के लिए लाया गया है। वह परिवार में सबसे बड़े हैं और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। अगर कुछ हो जाता तो पूरे परिवार के आगे समस्या खड़ी हो जाती। प्रीतम का कहना था कि बस भगवान की मेहरबानी थी कि जान बच गयी। घटना ध्यान आते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। एक दिन पहले भी आयी थी तेज आवाजमथुरा। निज संवाददाताओवरब्रिज के झुकने की घटना को लोग लापरवाही मान कर चल रहे हैं। बुधवार को भी सुबह दस बजे के करीब तेज आवाज आयी थी। लेकिन जीएम के निरीक्षण के कारण इसे नजर अंदाज कर दिया गया और किसी ने भी इस पर ध्यान नहंी दिया। इस आवाज को सुनकर यात्राी भी चौंके थे, लेकिन कोई घटना न होने के कारण मामला टल गया था। रेलवे सूत्रों का मानना है कि बुधवार को ही झुकना शुरू हो गया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। गुरुवार को कार्य के लिए इस पर गार्डर चढ़ाए गए तो बजन को ङोल नहींे सका। और पुल झुक गया। एक दिन पहले घटना होती तो कई नप जातेमथुरा। जहां जान बचने पर मजदूर भगवान का याद कर रहे थे वहीं एक दिन बाद घटना होने पर रेलवे कर्मचारी भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे थे। बुधवार को ही जीएम ने जंक्शन का निरीक्षण किया था और रेलवे में भ्रष्टाचार को नजर अंदाज किया था। उनके इस बयान को 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ गयी और कई लोगों की जान बच गयी। कुछ लोगों तो कहना था कि यह घटना लापरवाही के कारण नहीं मानकों की अनदेखी के कारण हुई है। पुल में लगाए गए सामान में मानकों की अनदेखी की जा रही है। अगर इस बिंदु पर जांच की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है।

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